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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Barauni Junction: बरौनी जंक्शन पर इंजन और बफर के बीच दबकर रेलकर्मी की मौत, स्वजन ने किया हंगामा

    Updated: Sat, 09 Nov 2024 08:55 PM (IST)

    बरौनी जंक्शन पर एक दुखद घटना में 15204 डाउन लखनऊ-बरौनी जंक्शन एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन और बोगी को अलग करने के दौरान एक रेल कर्मी की मौत हो गई। अमर कुमा ...और पढ़ें

    बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस के इसी इंजन के बफर से दबने से हुई रेलकर्मी की मौत। फाइल फोटो
    बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस के इसी इंजन के बफर से दबने से हुई रेलकर्मी की मौत। फाइल फोटो

    HighLights

    1. अगले महीने होनी थी शादी, लगभग दो दशक से रेलवे साउथ कॉलोनी बरौनी में रह रहा है पूरा परिवार
    2. समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय सरदारगंज के हैं रहनेवाले

    संवाद सूत्र, बरौनी (बेगूसराय)। शनिवार की सुबह 15204 डाउन लखनऊ-बरौनी जंक्शन एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन अलग करने के दौरान अचानक बफर से दब जाने से एक रेलकर्मी स्व. राजकुमार राम के लगभग 25 वर्षीय पुत्र अमर कुमार की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्वजनों में कोहराम मच गया। फिलहाल, वे बरौनी साउथ रेलवे कॉलोनी में रह रहे थे। घटना के लगभग दो घंटे बाद 10.10 बजे बरौनी आरपीएफ एवं जीआरपी द्वारा अमर कुमार को बफर के बीच से निकाला गया।

    रेल सूत्रों के मुताबिक, सुबह लगभग आठ बजकर 10 मिनट पर उक्त ट्रेन बरौनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर पहुंची और लगभग आठ बजकर 27-29 मिनट पर उक्त रेलकर्मी अन कपलिंग करने के लिए इंजन और बोगी के बीच में घुसा। अमर कुमार अन कपलिंग कर ही रहे थे कि इसी दौरान ड्राइवर द्वारा इंजन को अचानक पीछे करने से उक्त रेलकर्मी बाहर निकलने के बजाय बोगी एवं इंजन के बफर के बीच बुरी तरह से दब गए और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

    जल्दबाजी में चला गया चालक

    हालांकि, घटना के समय प्लेटफॉर्म पर मौजूद रेलकर्मी सहित अन्य लोगों के द्वारा इंजन के ड्राइवर को आवाज देकर आगे बढ़ाने का इशारा किया गया, ताकि दबे बफर के बीच से रेलकर्मी को किसी तरह से निकाला जाए। परंतु, चालक जल्दबाजी में इंजन से उतरकर चला गया। शव इंजन और बोगी के बीच से निकालने के बाद स्वजन घटनास्थल पर मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर को बुलाने, दोषी ड्राइवर के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं मुआवजे की मांग को लेकर डटे रहे।

    कहा, जब तक मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर के द्वारा आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक शव को अंत्य परीक्षण के लिए सदर अस्पताल ले जाने नहीं देंगे। दोपहर लगभग 12 बजे मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, विवेक भूषण सूद अपने निरीक्षण यान से बरौनी जंक्शन पहुंचे और मृतक के स्वजन से मिलकर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।

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    डीआरएम मृतक के रेलवे कॉलोनी पहुंच परिवार वालों को आश्वासन दिया तब जाकर बरौनी जीआरपी शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए बेगूसराय भेज दिया। उन्होंने पूरी घटना का जांच कराने और दोषी पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

    पिता की मौत के बाद अमर को मिली थी रेलवे में नौकरी

    रेलकर्मी समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय सरदारगंज के मूल निवासी थे। इनके पिता बरौनी रेलवे के कैरेज विभाग में कार्यरत होने के कारण लगभग दो दशकों से परिवार के अधिकांश लोग बरौनी रेलवे कालोनी में ही रह रहे हैं। कोरोना काल में पिता की तबीयत खराब होने के कारण उनका निधन हो गया। इसके बाद उन्हीं के स्थान पर अमर कुमार की नौकरी दो वर्ष पूर्व ट्रैफिक पोटर के पद पर हुई थी। हाल ही में उन्हें प्वाइंट्स मैन के पद पर प्रोन्नति मिली थी।

    परिवार वालों का आरोप है कि अमर कुमार जिस पद पर कार्यरत थे, उक्त पद के मुताबिक उनसे ड्यूटी नहीं लेकर दूसरी ड्यूटी ली जा रही थी। वर्तमान समय में परिवार के अधिकांश लोग बरौनी रेलवे साउथ कालोनी में क्वार्टर नंबर टी 54 डी में रह रहे हैं। रेलकर्मी अमर कुमार तीन भाई एवं दो बहन थे। भाई में सबसे छोटे थे अमर कुमार। दोनों बहन की शादी हो चुकी है। आगामी दिसंबर महीने में अमर कुमार की भी शादी दरभंगा में तय हो चुकी थी, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और थी।

    इधर, मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, विवेक भूषण सूद से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू कर दी गई है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारीगण शामिल हैं। इंक्वायरी पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का पता चल पाएगा।

    जानकार रेलकर्मियों का कहना है कि किसी भी ट्रेन का इंजन काटने एवं जोड़ने के दौरान तीन-चार रेलकर्मियों का होना जरूरी होता है, ताकि इंजन के ड्राइवर और इंजन काटने-जोड़ने वालों को इशारा-सिग्नल के माध्यम से सही जानकारी दे सकें। जबकि शनिवार को हुई घटना के दौरान रेलकर्मी अमर कुमार के साथ मात्र दो रेलकर्मी ही ड्यूटी पर तैनात थे। यह सब जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि ड्राइवर की लापरवाही के कारण उक्त घटना हुई है या ड्यूटी पर तैनात कम रेलकर्मी की वजह से घटना हुई।