यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग को गैंगस्टर बता भेजा जेल, बोला- साहब! नौकरी की तलाश में देहरादून से आया था बिहार
Bihar News इशाकचक पुलिस के एक नाबालिग को गैंगस्टर बताकर जेल भेजने के कारनामे पर वरीय अधिकारी सख्त हैं। शनिवार को एसएसपी को जब नाबालिग का असली आधार कार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भागलपुर : इशाकचक पुलिस ने एक नाबालिग को गैंगस्टर बताकर जेल भेजा था। पुलिस के इस कारनामे पर वरीय अधिकारी सख्त हैं। एसएसपी को इशाकचक पुलिस ने एक दस्तावेज के आधार पर बताया था कि आरोपित की उम्र 20 साल है, जबकि नाबालिग के मैट्रिक और इंटर के प्रमाणपत्र बता रहे कि वह 17 साल का है।
नाबालिग के परिवार ने क्या सबूत दिखाया?
इशाकचक पुलिस का दावा है कि उसने आधार कार्ड की फोटो कॉपी में दर्ज उम्र को पैमाना बताया था, जिसके आधार पर उसकी उम्र 20 साल है, लेकिन दैनिक जागरण को देहरादून से नाबालिग के परिवार ने उसका असली आधार कार्ड उपलब्ध कराया है। इसमें उसकी जन्मतिथि दो जून 2006 दर्ज है। मैट्रिक के प्रमाणपत्र में भी यही तिथि अंकित है।
रेंज डीआइजी विवेकानंद ने क्या कहा?
शनिवार को एसएसपी को जब नाबालिग का असली आधार कार्ड दिखाया गया तो वह चौंक गए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। रेंज डीआइजी विवेकानंद ने कहा कि अगर नाबालिग को गलत तरीके से गैंगस्टर बता जेल भेजा गया है, तो एसएसपी की रिपोर्ट आने के बाद इस संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, उम्र की जांच पर आगे की कार्रवाई के दावे के बीच इशाकचक पुलिस के पास इसका जवाब तो नहीं है कि आखिर कैसे नाबालिग गैंगस्टर हो गया, जबकि उसके खिलाफ देहरादून या कहीं और कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
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क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 25 जुलाई को भागलपुर में मोबाइल छीनने के एक मामले में देहरादून नेहरू नगर थाना क्षेत्र के एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग ने पुलिस को बताया था कि वह अपने दोस्त के साथ नौकरी की तलाश में देहरादून से बिहार आया था।
नाबालिग को गैंगस्टर बता जेल भेजने के मामले की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित होने के बाद शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा प्रशासन हरकत में आ गया। उसने अन्य खूंखार बंदियों से अलग करते हुए शनिवार को नाबालिग को जुबेनाइल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। जेल में नाबालिग का रो-रोकर बुरा हाल है।
उधर, देहरादून में नाबालिग के मां-बाप परेशान हैं कि उनके बेटे को गैंगस्टर बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक उनके बेटे पर एक भी मुकदमा नहीं हुआ है। कभी उसका गलत चाल-चलन भी नहीं देखा।