यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhagalpur: सड़क चौड़ीकरण के नाम पर खोल दिया मौत का कुआं, एक दर्जन से ज्यादा दुर्घटनाएं; त्योहारों में बढ़ेंगी मुश्किलें
Bhagalpur News बिहार के भागलपुर में अकबरनगर में सड़क चौड़ीकरण के चक्कर में उसे और बदतर बना दिया गया है। यहां एनएच 80 को तोड़ दिया गया है जिसके कारण दर् ...और पढ़ें

HighLights
- धीमी गति से हो रहा है एनएच चौड़ीकरण का कार्य
- घनी आबादी वाले क्षेत्र में सड़क को बना दिया जर्जर
संवाद सूत्र, अकबरनगर। पथ निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण इन दिनों अकबरनगर के नागरिकों व यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, अकबरनगर सुल्तानगंज मुख्य मार्ग एनएच 80 के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।
इसको लेकर जगह-जगह एनएच तोड़ दिया गया है, जिसके कारण दर्जनों जगह पर करीब तीन फीट गहरा गढ्ढा हो गया है। गढ्ढे में बारिश का पानी जमा हो गया है, जो काफी खतरनाक है। विभाग व ठेकेदार की लापरवाही के कारण अब इस बरसात में लोगों को आवागमन में मुश्किल हो रही है।
अधिकांश हिस्सा घनी आबादी वाला
उखाड़ी गई सड़क पर अधिकांश हिस्सा घनी आबादी वाला है। गढ्ढे में मेटेरियल नहीं भरे जाने से आवागमन में मुश्किलें आ रही हैं। इससे पर्व त्योहार वाले दिन में लोगों की समस्या बढ़ेगी। यह एनएच जिला व प्रखंड को जोड़ता है। इसके बावजूद सड़क को उखाड़ कर छोड़ दिया गया है।
आलम यह है कि रसीदपुर व आलमगीरपुर के समीप स्थिति ऐसी है कि यहां 3 से 4 फीट के दर्जनों गड्ढे हैं, जिसमें वाहन फंस जाने पर निकालना मुश्किल हो जाता है। संवेदक द्वारा चौड़ीकरण का कार्य शुरू करने से पहले रोड पर पानी से भरे गड्ढे को मोटरेबल बनाना था, लेकिन कंपनी की लापरवाही का नतीजा है कि बरसात के महीने में और बदत्तर हालत इस इलाके की हो गई है।
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धीमी गति से चल रहा चौड़ीकरण का कार्य सड़क
अकबरनगर सुल्तानगंज एनएच चौड़ीकरण का काम धीमी गति से चल रहा है, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों के साथ साथ वाहन चालकों व यात्रियों को भी भुगतान पड़ रहा है। बताया जाता है कि हाल के दिनों में एक दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी है, जिसमें कई लोग जख्मी हो चुके है।
बावजूद सड़क का निर्माण कर रही कंपनी के द्वारा सड़क चौड़ीकरण का कार्य नहीं किया जा रहा है। हालत ऐसी है कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर उड़ रही धूल से दिन में अंधेरा सा बना रहता है। चार पहिया वाहन के चालकों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ रही है। साथ ही दो पहिया वाहन चालकों के लिए तो यह सड़क जानलेवा बन चुकी है।