भागलपुर की Female Basketball Players ने कहा- MLA साहब...! हमें हमारा कोच लौटा दो, सैंडिस से बिना सूचना क्यों हटाया?
भागलपुर के बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने विधायक रोहित पांडेय से मुलाकात कर सैंडिस कंपाउंड में प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत की। खिलाड़ियों ने कोच ...और पढ़ें

भागलपुर नगर विधायक रोहित पांडेय से बास्केटबॉल खिलाड़ी और उनके अभिभावकों से की बातचीत
HighLights
खिलाड़ियों ने विधायक से कोच जयबाबू राम सोरेन को वापस मांगा।
सैंडिस कंपाउंड में आर्थिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाया।
महिला खिलाड़ियों ने सुरक्षित प्रशिक्षण माहौल की मांग की।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर शहर के करीब दो दर्जन बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने मंगलवार को अपने अभिभावकों के साथ नगर विधायक रोहित पांडेय से देर रात मुलाकात कर खेल प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत की। खिलाड़ियों ने जिला अतिथिगृह पहुंचकर बताया कि वे पिछले कई वर्षों से सैंडिस कंपाउंड स्थित बास्केटबॉल कोर्ट में शुल्क देकर प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन बास्केटबॉल कोर्ट संचालन करने वाली कंपनी लगातार आर्थिक और मानसिक शोषण कर रही है।
अतिरिक्त पैसे की मांग
खिलाड़ियों का आरोप है कि प्रशिक्षण के अलावा अलग-अलग गतिविधियों के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की जाती है। कभी समर कैंप तो कभी अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए शुल्क लिया जाता है। इससे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। बास्केटबॉल के प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों से एक हजार रुपये पंजीयन कराने के लिए और एक हजार रुपये प्रति माह पहले से निर्धारित है।
खिलाड़ियों ने कोच हटाने पर जताई नाराजगी
खिलाड़ियों ने विधायक को बताया कि जिस कोच के नाम पर उनका पंजीयन कराया गया था, अब उन्हें ही कपनी द्वारा हटा दिया गया है। खिलाड़ियों के अनुसार वे कोच जयबाबू राम सोरेन से प्रभावित होकर ही प्रशिक्षण लेने पहुंचे थे।खिलाड़ियों ने कहा कि जयबाबू राम सोरेन खेल की बारीकियों को बेहतर तरीके से समझाते थे और खिलाड़ियों को पर्याप्त समय देते थे।
जयबाबू राम सोरेन को फिर से प्रशिक्षक बनाने की मांग
खिलाड़ियों ने अपने कोच जयबाबू राम सोरेन को दोबारा बहाल करने की मांग उठाई। खिलाड़ियों ने सवाल किया कि सैंडिस कंपाउंड स्थित बास्केटबॉल कोर्ट से उनके कोच को बिना किसी पूर्व सूचना के आखिर कैसे हटा दिया गया।अचानक उन्हें हटाए जाने से खिलाड़ी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि जयबाबू एक बेहतर कोच के साथ-साथ एक अच्छे इंसान हैं।
खबरें और भी
-1779216021175.jpg)
महिला खिलाड़ियों ने सुरक्षित माहौल की उठाई मांग
खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिला खिलाड़ियों ने दूसरे कोच के साथ अभ्यास करने में असहजता जताई। विधायक से मिलने पहुंचे खिलाड़ियों में अधिकांश लड़कियां शामिल थीं। उन्होंने कहा कि वे मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं और सुरक्षित व बेहतर माहौल में प्रशिक्षण चाहती हैं।
विधायक से बास्केटबॉल कोर्ट की मांग की
खिलाड़ियों ने मांग की कि उन्हें अभ्यास के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव के खेल जारी रख सकें। खिलाड़ियों ने कहा कि वे खेल में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति उनके प्रदर्शन और मनोबल को प्रभावित कर रही है।
समाधन जरूरी है
अभिभावकों ने भी खिलाड़ियों की बातों का समर्थन करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द समाधान जरूरी है।
विधायक ने डीएम से की बात
नगर विधायक रोहित पांडेय ने खिलाड़ियों और अभिभावकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इसके बाद विधायक ने उन्हीं लोगों के सामने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को बुधवार को मिलने के लिए बुलाया है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन इस मामले में सकारात्मक पहल कर सकता है।
खिलाड़ियों के हित के लिए काम करेंगे
विधायक ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और हरसंभव सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, महापौर और संबंधित कंपनी से भी बातचीत की जाएगी।
जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन ने भी जताई चिंता
विधायक रोहित पांडेय ने जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन के सचिव सौरभ कुमार से भी दूरभाष पर बातचीत की। विधायक ने तुरंत उन्हें जिला अतिथि गृह बुलाया। इसके बाद सौरभ वहां पहुंचे और उन्होंने विधायक से कहा कि फिलहाल उनके पास ऐसा कोई अपना या एसोसिएशन का बास्केटबॉल कोर्ट नहीं है, जहां खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास कराया जा सके। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और कंपनी कोई सहयोग चाहता है तो खिलाड़ियों के हित में वे और जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन हरसंभव मदद करने को तैयार है।
भागलपुर में बास्केटबॉल का है बेहतर भविष्य
सौरभ ने कहा कि वर्तमान में जो विवाद हुआ है वह कंपनी, खिलाड़ियों और कोच के बीच का मामला है, इसलिए वह इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा कि भागलपुर में बास्केटबॉल का उज्ज्वल भविष्य है और यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं।
कोच जयबाबू राम सोरेन ने लगाए गंभीर आरोप
विधायक ने जब कोच जयबाबू राम सोरेन से बातचीत की तो उन्होंने भी अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें 12 हजार रुपये मासिक मानदेय देने का पत्र दिया गया था, लेकिन कंपनी हर माह केवल 10 हजार रुपये ही देती थी। बाकी राशि मांगने पर कहा जाता था कि इतना ही मिलेगा। मानदेय के लिए कोई निर्धारित तिथि भी तय नहीं की गई थी। जयबाबू राम सोरेन का कहना है कि तीन दिन पहले उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने बकाया मानदेय देने के बदले ई-मेल के जरिए इस्तीफा भेजने का दबाव बनाया।
बिना नोटिस का हटा दिया
कोच जयबाबू राम सोरेन के अनुसार कंपनी ने समर कैंप के नाम पर प्रत्येक बच्चे से 2500 रुपये वसूलने का दबाव बनाया था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें हटा दिया गया। कोच ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारी अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने का दबाव बनाते थे। उन्होंने कहा कि एक कोर्ट पर सीमित संख्या में ही बच्चों को ही बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकता है। ज्यादा बच्चों को यहां प्रशिक्षण देना संभव नहीं है। जितने खिलाड़ी यहां नामांकित हैं वे पहले से ही क्षमता से ज्यादा हैं।
अभिभावक भी रहे मौजूद
इस दौरान खिलाड़ियों के साथ कई अभिभावक भी मौजूद रहे। इनमें पूजा कुमारी, आर नाज, आरती कुमारी, वर्षा, वीणा कुमारी, कुमारी श्वेता, नीतेश कुमार सिन्हा, रजनीकांत घोष और कंचन सिन्हा शामिल थे। दो दर्जन से ज्यादा महिला व पुरुष खिलाड़ियों ने विधायक को सारी जानकारी दी। इस मीटिंंग में विधायक रोहित पांडेय के साथ देवव्रत घोष और ओम भास्कर मौजूद थे।