3 लाख में भाजपा नेता की सुपारी! भागलपुर पुलिस ने शूटर व लाइनर को पकड़ा, कृष्णा ने किया आत्मसमर्पण, दीपिका व शशि जेल में
Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता पूर्व पार्षद ...और पढ़ें

Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड का पर्दाफाश; शूटर अक्षय यादव और लाइनर सुमन गिरफ्तार।
HighLights
भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड में कृष्णा मोदी ने किया आत्मसमर्पण।
पुलिस ने मुख्य शूटर अक्षय यादव और लाइनर सुमन को किया गिरफ्तार।
3 लाख रुपये में सुपारी देकर करवाई गई थी भाजपा नेता की हत्या।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की चौतरफा दबिश के आगे आखिरकार फरार नामजद आरोपित ने भी घुटने टेक दिए हैं।
मुख्य साजिशकर्ता पूर्व पार्षद शशि मोदी के भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी ने शुक्रवार को पुलिस की कड़ी घेराबंदी के बीच भागलपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा गुरुवार देर रात मुख्य भाड़े के शूटर और लाइनर को दबोचे जाने के बाद से ही कृष्णा मोदी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही थी। गिरफ्तारी के खौफ से उसने सीधे कोर्ट में सरेंडर करने की राह चुनी।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) अतुलेश झा के सीधे निर्देशन में गठित एसआईटी ने महज सात दिनों के भीतर इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की पूरी कड़ियां जोड़ दी हैं। एसआईटी ने गुरुवार की देर रात मुंगेर जिले के सीताकुंड में छापेमारी कर मुख्य शूटर अक्षय यादव उर्फ नरेश उर्फ नीतीश को हथियार समेत धर दबोचा था, जबकि लाइनर सुमन कुमार को कुतूबगंज से गिरफ्तार किया गया था।
शूटर के पास से वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल व एक धारदार गुप्ति और लाइनर के पास से रेकी में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है। पुलिस इस मामले में साजिशकर्ता शशि मोदी की पत्नी और वार्ड 51 की पार्षद दीपिका कुमारी को घटना के तीसरे दिन ही जेल भेज चुकी है।
मुख्य सूत्रधार पूर्व पार्षद शशि मोदी पहले ही कोर्ट में आत्मसमर्पण कर चुका था, जबकि उसका मौसेरा साढ़ू समेत तीन अन्य मददगार भी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब भांजे कृष्णा मोदी के सरेंडर के साथ ही हत्याकांड की साजिश रचने और उसे जमीन पर उतारने वाले सभी मुख्य चेहरे सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस अब कृष्णा मोदी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।

तीन लाख रुपये में तय हुआ था कत्ल का सौदा
एसआईटी की जांच और शूटर अक्षय यादव से पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि भाजपा नेता उमा भूषण तांती को रास्ते से हटाने के लिए पूर्व पार्षद शशि मोदी ने 3 लाख रुपये में भाड़े के शूटर से सौदा तय किया था। शूटर अक्षय यादव पहले भागलपुर में सामान्य वाहन चालक का काम करता था, लेकिन बाद में सुपारी लेकर हत्याएं करने वाले आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आ गया था। शशि मोदी ने अपने भांजे कृष्णा मोदी के साथ मिलकर पूरी योजना तैयार की और लाइनर सुमन के जरिए उमा भूषण तांती की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी।
11 सितंबर को कुतूबगंज कुम्हार टोली में की गई थी हत्या
उल्लेखनीय है कि बीते 11 सितंबर को बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुतूबगंज कुम्हार टोली के पास सुबह करीब 10 बजे बाइक सवार अपराधियों ने भाजपा नेता उमा भूषण तांती पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उमा अपने भतीजे अंकित के साथ ग्लैमर बाइक से जा रहे थे। वारदात के चश्मदीद मृतक के छोटे भाई अरविंद तांती ने पुलिस को दिए बयान में स्पष्ट किया था कि शशि मोदी का भांजा कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी और एक अन्य शूटर चेहरे पर गमछा बांधकर घात लगाए हुए थे।
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गोली लगने के बाद लहूलुहान उमा ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में परिजनों को बताया था कि शशि मोदी ने अपने भांजे कृष्णा के साथ मिलकर पुरानी रंजिश में उन पर जानलेवा हमला करवाया है। मायागंज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
भाजपा श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती हत्याकांड में नामजद भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण
एसआईटी द्वारा मुंगेर के सीताकुंड से शूटर अक्षय यादव और कुतूबगंज से लाइनर सुमन की गिरफ्तारी के बाद चौतरफा बढ़ गई थी पुलिस दबिश
मुख्य साजिशकर्ता पूर्व पार्षद शशि मोदी और उसकी पार्षद पत्नी दीपिका कुमारी समेत मददगार पहले ही भेजे जा चुके हैं सलाखों के पीछे
काली मंदिर समिति में वर्चस्व और 3 लाख की सुपारी देकर 11 सितंबर को कुतूबगंज कुम्हार टोली में कराई गई थी भाजपा नेता की हत्या
काली मंदिर समिति और राजनीतिक वर्चस्व था विवाद का कारण
परिजनों के अनुसार, उमा भूषण तांती से पहले शशि मोदी ही भाजपा मंडल अध्यक्ष था। सरकारी नौकरी लग जाने के कारण उसे पद छोड़ना पड़ा, जिसके बाद उमा भूषण तांती को मंडल अध्यक्ष की कमान मिली। कुतूबगंज स्थित प्राचीन काली माता मंदिर निर्माण कार्य की देखरेख और मंदिर समिति की अध्यक्षता उमा भूषण तांती कर रहे थे।
शशि मोदी जिले से बाहर रहकर भी मंदिर निर्माण और महादेव तालाब प्रबंधन में दखलंदाजी करना चाहता था, जिसका उमा भूषण लगातार विरोध कर रहे थे। इसी वर्चस्व और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते शशि मोदी ने अपने भांजे कृष्णा मोदी और भाड़े के शूटरों के साथ मिलकर खूनी साजिश को अंजाम दिलवाया।
