भागलपुर फ्यूल क्राइसिस : कई पेट्रोल पंप ड्राय, 200 रुपये तक की लिमिट, बोले अफसर- विक्रमशिला सेतु टूट गया है
विक्रमशिला सेतु की बंदी के कारण भागलपुर में पेट्रोल-डीजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप सूख गए हैं, जिससे वाहन चालकों को भार ...और पढ़ें

भागलपुर में पेट्रोल संकट चरम पर: एक पंप से दूसरे पंप दौड़ रहे लोग, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
HighLights
विक्रमशिला सेतु बंद होने से ईंधन आपूर्ति बाधित।
भागलपुर के अधिकांश पेट्रोल पंप सूखे, किल्लत बढ़ी।
कई पंपों पर 200 रुपये तक पेट्रोल की सीमा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। युद्धजन्य परिस्थितियों और पहले से दबाव झेल रही ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर अब विक्रमशिला सेतु की बंदी ने बड़ा असर डाल दिया है। इसके चलते भागलपुर शहर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत गंभीर रूप ले चुकी है। बुधवार को स्थिति यह रही कि शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप शाम तक सूख गए, जिससे आम लोगों से लेकर परिवहन व्यवस्था तक प्रभावित हो गई।
शहर में वाहन चालकों को ईंधन के लिए एक पंप से दूसरे पंप भटकना पड़ा, लेकिन कई जगह उन्हें निराशा ही हाथ लगी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कुछ पंपों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया गया।
एचपी के पंपों की स्थिति सबसे खराब
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के पंपों पर संकट सबसे अधिक गहराया हुआ है। शहर में तीन में से दो पंप कई दिनों से ड्राय पड़े हैं। सबौर स्थित जेपी रत्ना पेट्रोल पंप पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह बंद है। वहीं जीछो स्थित हमारा पेट्रोल पंप बीते तीन दिनों से ईंधन की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है।
शांति फ्यूल सेंटर पर भी डीजल की भारी कमी बनी हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पंप बंद रहने या आपूर्ति बाधित होने की स्पष्ट वजह बताने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहा है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कहीं राहत, तो कहीं राशनिंग की स्थिति
दूसरी ओर, भारत पेट्रोलियम के जीरोमाइल स्थित हरिओम फ्यूल सेंटर पर जैसे ही टैंकर पहुंचा, वहां ईंधन लेने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग लंबे समय तक कतार में खड़े रहे।
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इसी तरह इंडियन ऑयल के कचहरी चौक स्थित वैभव पेट्रोल पंप पर देर शाम आपूर्ति बहाल होने के बाद थोड़ी राहत मिली। लेकिन स्टेशन चौक के पास एक पेट्रोल पंप पर स्थिति इतनी गंभीर रही कि वहां प्रति वाहन केवल 200 रुपये तक ही पेट्रोल दिया गया, जिससे साफ हो गया कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है।
सेतु बंदी से बढ़ा दबाव
इंडियन ऑयल के एरिया मैनेजर विदित सिंह ने बताया कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण सुल्तानगंज मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। इसी वजह से तेल टैंकर रास्ते में जाम में फंस रहे हैं और समय पर पंपों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देरी के कारण पूरे सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। हालांकि कंपनी की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति बनी रहे और स्थिति सामान्य की जाए।
दक्षिणी भाग में भी संकट गहराया
शहर के दक्षिणी हिस्सों, खासकर लोअर नाथनगर रोड और आसपास के क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक हैं। कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राय हो चुके हैं।
लोग लगातार एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आ रहे हैं, लेकिन कहीं भी पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे न सिर्फ निजी वाहन चालक परेशान हैं, बल्कि ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहनों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर
जिला प्रशासन की ओर से पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हालात इन दावों की सच्चाई बयां कर रहे हैं।
आमजन लगातार परेशान हैं, पंप संचालक असहाय स्थिति में हैं और तेल कंपनियों की ओर से स्पष्ट संवाद की कमी ने संकट को और बढ़ा दिया है।
बढ़ता असर जनजीवन पर
ईंधन संकट का असर अब केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहा है। इसका सीधा प्रभाव व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। स्कूल, ऑफिस और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो शहर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विक्रमशिला सेतु खुलने और सप्लाई सामान्य होने के बाद स्थिति कब तक सुधरती है।