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Bhagalpur Flood Erosion: राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध का 150 मीटर हिस्सा गंगा में विलीन, रेल लाइन पर भी बढ़ा खतरा

Published: Sat, 29 Aug 2026 12:21 AM (IST)

नवगछिया के राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध पर गंगा का भीषण कटाव जारी है, जिससे 150 मीटर हिस्सा नदी में समा चुका ...और पढ़ें

नवगछिया के राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध पर भीषण कटाव; 220 मीटर लंबे बांध में से 150 मीटर गंगा में समाया

नवगछिया के राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध पर भीषण कटाव; 220 मीटर लंबे बांध में से 150 मीटर गंगा में समाया

HighLights

  1. राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध का 150 मीटर हिस्सा कटा।

  2. थाना बिहपुर-महादेवपुर रेलवे लाइन पर भी बढ़ा खतरा।

  3. जल संसाधन विभाग युद्धस्तर पर कर रहा कटावरोधी कार्य।

संवाद सूत्र, नवगछिया (भागलपुर)। नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर-खैरपुर के बीच स्थित जमींदारी बांध पर गंगा नदी का भीषण कटाव जारी है। जल संसाधन विभाग द्वारा पिछले चार-पांच दिनों से युद्धस्तर पर किए जा रहे तमाम कटावरोधी प्रयास गंगा के तेज बहाव और प्रचंड दबाव के आगे नाकाफी साबित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि 220 मीटर लंबे इस जमींदारी बांध का लगभग 150 मीटर हिस्सा पहले ही कटकर नदी में विलीन हो चुका है। अब विभाग शेष बचे 70 मीटर हिस्से और समीप से गुजरने वाली थाना बिहपुर-महादेवपुर रेलवे लाइन को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।

कटाव की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने मौके पर डेढ़ दर्जन से अधिक संवेदकों (ठेकेदारों) को फ्लड फाइटिंग कार्य में लगाया है। बांध के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में 24 घंटे एनसी बंबू रोल, हाथी पांव (जियो बैग्स) और अन्य तकनीकी उपायों से कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर अभियंता प्रमुख इंजीनियर वरुण कुमार, मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान और अधीक्षण अभियंता सुबोध कुमार सहित कई वरीय अधिकारी व दंडाधिकारी लगातार कैंप कर रहे हैं।

नदी की धारा बदलने से बढ़ा दबाव, रेल लाइन बचाने की चुनौती

अभियंता प्रमुख इंजीनियर वरुण कुमार ने बताया कि गंगा की मुख्य धारा अचानक बांध के बिल्कुल किनारे आ जाने के कारण पानी का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। विभाग की प्राथमिकता जमींदारी बांध के शेष हिस्से को बचाने के साथ-साथ थाना बिहपुर-महादेवपुर रेलवे लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान ने बताया कि धारा के अचानक मुड़ने (डायवर्सन) से कटावरोधी सामग्री नदी के तेज बहाव में बह जा रही है। हालांकि, नदी के जलस्तर में अब ठहराव देखा जा रहा है और जल्द ही पानी घटने का अनुमान है, जिससे स्थिति नियंत्रण में आने की उम्मीद है।

विभिन्न स्थलों पर जलस्तर की स्थिति और चेतावनी स्तर

जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंगा और कोसी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है और शनिवार से इसमें गिरावट दर्ज होने का अनुमान है:

  • मदरौनी: जलस्तर 31.18 मीटर पर स्थिर है (चेतावनी स्तर 30.48 मीटर, खतरे का निशान 31.18 मीटर, एचएफएल 33.46 मीटर)।

  • इस्माईलपुर बिंदटोली: जलस्तर 32.21 मीटर पर स्थिर है (चेतावनी स्तर 30.60 मीटर, खतरे का निशान 31.60 मीटर, एचएफएल 33.50 मीटर)। यहां फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

  • राघोपुर: जलस्तर 33.16 मीटर दर्ज किया गया है (चेतावनी स्तर 32.68 मीटर, खतरे का निशान 33.68 मीटर)।

अधिकारियों का कहना है कि सभी संवेदनशील तटबंधों और कटाव स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।