भागलपुर में LPG संकट गहराया, होटल-रेस्टोरेंट में कोयले पर पक रहा खाना; मेन्यू से हटे कई व्यंजन
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण भागलपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी हो गई है। इससे होटल और स्ट्रीट फूड उद्योग ...और पढ़ें

भागलपुर में LPG संकट गहराया, होटल-रेस्टोरेंट में कोयले पर पक रहा खाना (AI Generated Image)

समय कम है?
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परिमल सिंह, भागलपुर। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भागलपुर के स्थानीय बाजार और होटल उद्योग पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कमी के कारण शहर के कई होटलों को अब गैस की जगह चारकोल (कोयला) का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके साथ ही, कुछ होटल संचालकों ने मेन्यू से कई व्यंजन अस्थायी रूप से हटा दिए हैं।
होटल संचालकों का कहना है कि पहले जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब इसकी आपूर्ति में काफी कमी आई है। कई होटलों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा, सिलेंडर की कीमत में भी लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे होटल व्यवसायियों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं।
आदमपुर स्थित एक होटल के मालिक बंटी शर्मा ने बताया कि बाजार में गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग 10 प्रतिशत ही हो पा रही है। ऐसे में मजबूरी में कोयले पर खाना बनाना पड़ रहा है। इसमें अधिक समय लगता है और कर्मचारियों को भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। कई कर्मचारी इस व्यवस्था में काम करने से हिचकिचा रहे हैं।
पनीर प्याजा, पनीर 55 और कई तरह के सूप मेन्यू से हटे
तिलकामांझी स्थित एक रेस्टोरेंट के मालिक कमलदेव ने बताया कि पिछले पांच दिनों से गैस की किल्लत के कारण पनीर प्याजा, पनीर 55 और कई प्रकार के सूप जैसे व्यंजन फिलहाल मेन्यू से हटा दिए गए हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से कढ़ाई पनीर, मसाला पनीर, पनीर बटर मसाला, चावल और नान ही तैयार किया जा रहा है।
गैस संकट के कारण लागत बढ़ने से खाने की कीमतों में भी लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि करनी पड़ी है। इसके अलावा, खाना तैयार होने में अधिक समय लगने के कारण कई ऑनलाइन ऑर्डर भी नहीं लिए जा रहे हैं, जिससे कारोबार लगभग 50 प्रतिशत तक प्रभावित हो गया है।
स्ट्रीट फूड विक्रेता भी परेशान, बढ़ी लागत
गैस संकट का असर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर भी पड़ा है। नियमित गैस आपूर्ति की कमी के कारण छोटे दुकानदारों को छोटे सिलेंडर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है।
चुनिहारी टोला में स्ट्रीट फूड चलाने वाले अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें अब पांच किलो वाले सिलेंडर का उपयोग करना पड़ रहा है, जो दो से तीन दिन में खत्म हो जाता है। बार-बार सिलेंडर बदलने से खर्च बढ़ गया है और गैस पर लगभग पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
बढ़ती लागत के कारण अब कुछ व्यंजन बनाना भी बंद करना पड़ा है। अन्य स्ट्रीट फूड विक्रेता भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
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