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    शराब पीने से Chronic Pancreatitis का खतरा, डॉक्टरों ने बताया बचाव के उपाय

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 01:23 PM (IST)

    भागलपुर में आईएमए के वार्षिक चिकित्सा सम्मेलन में स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवा विस्तार पर जोर दिया गया। डॉ. सहजानंद सिंह ने गांवों ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. IMA ने ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा विस्तार पर जोर दिया।

    2. शराब से पैंक्रियाटाइटिस खतरा; मूत्र रोगों पर भी हुई चर्चा।

    3. सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीकाकरण पर बल दिया गया।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। IMA सभागार में शनिवार को वार्षिक चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि भागलपुर में आईएमए बेहतरीन कार्य कर रहा है। जनसेवा का लाभ सभी को मिल रहा है, लेकिन इस सेवा को और विस्तार देने की आवश्यकता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन को शहर की गलियों से निकलकर गांवों तक पहुंचना चाहिए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर रह रहे लोगों को उनके घर तक इलाज की सुविधा मिल सके।

    डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि संगठन को न केवल हेल्थ जागरूकता शिविर आयोजित करने चाहिए, बल्कि जागरूकता कार्यक्रम भी चलाने चाहिए।

    डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि आईएमए भागलपुर द्वारा आयोजित सेमिनार का विषय ऐसा होना चाहिए जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।

    आईएमए बिहार के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार यादव ने कहा कि सेमिनार का लाभ सभी डॉक्टरों को मिलना चाहिए, ताकि सामान्य चिकित्सक भी नई जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे समाज को सीधा लाभ होगा।

    आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. धन्वंतरि तिवारी ने कहा कि चिकित्सकों को ऐसा कार्य करना चाहिए जिसकी गूंज राष्ट्रीय आईएमए तक पहुंचे। उद्घाटन समारोह में डॉ. सहजानंद सिंह समेत सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया।

    सभी का स्वागत आईएमए भागलपुर की अध्यक्ष डॉ. रेखा झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रोली भारती और डॉ. संगीता मेहता ने किया। मंच का संचालन डॉ. आरपी जायसवाल ने किया।

    मूत्र रोगों के प्रति रहें सतर्क, किडनी में सूजन का हो सकता है खतरा

    पटना से आए डॉ. पीके सिन्हा ने मूत्र संबंधी समस्याओं पर व्याख्यान देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति मूत्र को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है और पेशाब रोकने में असमर्थ है, तो यह प्रोस्टेट या मूत्र थैली से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। बार-बार पेशाब का लीक होना यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस का प्रमुख लक्षण है।

    यदि समय पर इलाज नहीं कराया गया, तो यह समस्या किडनी संक्रमण का कारण बन सकती है। डॉ. सिन्हा ने बताया कि यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मधुमेह, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना और महिलाओं में बच्चादानी की सर्जरी शामिल हैं।

    यह रोग विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का एक बड़ा कारण मूत्र थैली का पूरी तरह खाली न होना है, जो प्रोस्टेट के बढ़ने से होता है।

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    क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस : कारण और लक्षण

    गेस्ट्रोइंटस्टाइनल सर्जन डॉ. पंकज कुमार सोनार ने क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह एक लंबे समय तक चलने वाला रोग है, जिसमें अग्न्याशय में लगातार सूजन रहती है। यदि समय पर इलाज नहीं किया गया, तो यह जानलेवा हो सकता है।

    इस रोग का मुख्य कारण लंबे समय तक शराब का सेवन है। इसके लक्षणों में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भोजन के बाद दर्द बढ़ना, वजन घटना, उल्टी, दस्त और तैलीय मल शामिल हैं।

    सर्वाइकल कैंसर: इलाज और बचाव

    कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार ने सर्वाइकल कैंसर के इलाज पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस रोग को रोका जा सकता है और इसके लिए सरकार ने वैक्सीनेशन की शुरुआत की है।

    9 से 14 वर्ष की लड़कियों को दो डोज दिए जाते हैं, जिससे इस रोग की संभावना कम हो जाती है। सभी बच्चियों को यह वैक्सीन लेना चाहिए।