माडल स्कूलों में शिक्षकों का चयन : भागलपुर के 130 अभ्यर्थियों में से 116 को प्रेजेंटेशन में 20 में मिले शून्य अंक
भागलपुर के 12 मॉडल स्कूलों में शिक्षक प्रतिनियुक्ति के लिए 130 अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची जारी हुई है। इसमें 116 अभ्यर्थियों को प्रेजेंटेशन में ...और पढ़ें

“माडल स्कूलों में शिक्षकों का चयन : भागलपुर के 130 अभ्यर्थियों में से 116 को प्रेजेंटेशन में 20 में मिला शून्य अंक”
HighLights
130 अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची जारी।
116 को प्रेजेंटेशन में मिले शून्य अंक।
चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार शिक्षा परियोजना के अंतर्गत जिले के 16 प्रखंडों में से 12 माडल विद्यालयों में शिक्षक प्रतिनियुक्ति के लिए 130 अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची जारी कर दी गई है। सूची के अनुसार सर्वाधिक अंक 64.50 डॉ. सेल प्रज्ञा को प्राप्त हुए हैं, जबकि सबसे कम 27.50 अंक राजीव कुमार को मिले हैं।
प्रेजेंटेशन और साक्षात्कार में अंक विवादित
जारी सूची में सबसे अधिक चर्चा प्रेजेंटेशन और साक्षात्कार में दिए गए अंकों को लेकर हो रही है। बताया गया है कि 130 अभ्यर्थियों में से 116 को प्रेजेंटेशन में 20 में शून्य अंक दिए गए हैं। इस पर शिक्षकों और अभ्यर्थियों ने आश्चर्य जताया है। कई ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने लगातार विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में प्रेजेंटेशन दिया है, बावजूद इसके उन्हें शून्य अंक दिए गए।
इस कारण से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने के कारण असंतोष बढ़ रहा है। इसके अलावा, कुछ अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में भी 20 अंकों में आठ से कम अंक प्राप्त हुए हैं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का बयान
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रमाण पत्रों के सत्यापन और साक्षात्कार के बाद जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा औपबंधिक मेधा सूची तैयार की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थियों को सूची पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद अंतिम मेधा सूची जारी की जाएगी।
खबरें और भी
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के अंक देने की वजह स्पष्ट नहीं है। उनका मानना है कि प्रेजेंटेशन और साक्षात्कार के मूल्यांकन में पारदर्शिता का अभाव चयन प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है, फिर भी उन्हें शून्य अंक दिए गए हैं।
चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
शिक्षकों और अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रेजेंटेशन में अंक शून्य देने और साक्षात्कार में कम अंक देने से चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई अभ्यर्थी इस बात से असंतुष्ट हैं कि मूल्यांकन मानदंड और अंक देने की पद्धति स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की गई।
आगे की प्रक्रिया
जिला कार्यालय ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि सूची पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित अवधि में प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। इसके बाद ही अंतिम मेधा सूची जारी की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रक्रिया के बाद ही चयन के अंतिम परिणाम घोषित होंगे और शिक्षक प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और नियमों के अनुसार होगी।
शिक्षकों और अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि प्रेजेंटेशन और साक्षात्कार के अंक स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से नहीं दिए गए, तो इससे शिक्षा परियोजना की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।