भागलपुर में सहयोग शिविर : मंत्री नीतीश मिश्रा बोले- 31 दिन में शिकायत का समाधान नहीं होने पर अधिकारी होंगे निलंबित
बिहार सरकार ने 'सहयोग शिविर' की नई पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मंत्री नीतीश मिश्रा ने भागलपुर में कह ...और पढ़ें

भागलपुर में सहयोग शिविर आयोजित, मंत्री बोले- शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, भागलपुर। सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सहयोग शिविर की नई पहल शुरू की है। मंगलवार को सबौर प्रखंड की ममलखा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री सह नगर विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग अपनी शिकायतें और आवेदन प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक देते हैं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इसी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने सहयोग शिविर की शुरुआत की है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं भी विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार जनशिकायत निवारण को लेकर गंभीर है।
शिकायत समाधान की तय होगी समय सीमा
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यदि किसी आवेदन पर दस दिनों के भीतर पहल नहीं होती है तो संबंधित विभागीय अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद 20वें और 25वें दिन फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 31 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि जनशिकायत निवारण की व्यवस्था पहले से कानून के तहत मौजूद है, लेकिन उसे और अधिक सशक्त, पारदर्शी और परिणामकारी बनाने के लिए सहयोग शिविर का निर्णय लिया गया है।
‘सहयोग’ नाम में ही संवेदनशीलता का भाव
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि ‘सहयोग’ केवल एक योजना नहीं बल्कि सहभागिता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। इसमें प्रशासन और आम जनता दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को खुलकर सामने रखें ताकि प्रशासन उसका त्वरित समाधान कर सके।
मंत्री ने कहा कि भागलपुर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला है। यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। भागलपुर का विकास बिहार की प्रगति को नई दिशा दे सकता है।
उन्होंने लोगों से बेहतर और विकसित भागलपुर के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
अजगैवीनाथ धाम स्टेशन पर हुआ स्वागत
पटना से भागलपुर आने के क्रम में मंगलवार को अजगैवीनाथ धाम रेलवे स्टेशन पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने मंत्री नीतीश मिश्रा का भव्य स्वागत किया। स्थानीय विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंत्री को अंगवस्त्र और फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया।
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इस दौरान विधायक ने मंत्री को आगामी श्रावणी मेला में आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को भी जल्द आमंत्रण भेजा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि भागलपुर और अजगैवीनाथ धाम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुराना लगाव रहा है और इस क्षेत्र के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
श्रावणी मेला की तैयारी अभी से शुरू
मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की पहचान है और सरकार इसे और अधिक व्यवस्थित तथा सुरक्षित बनाने को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
गंगा घाटों से लेकर कांवरिया पथ तक सफाई, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। विभाग अभी से तैयारियों में जुट गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगानगरी से बाबा नगरी तक की यात्रा करते हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा और लंबा मानव मेला माना जाता है। सरकार की कोशिश है कि इस आयोजन को और सुरक्षित, व्यवस्थित तथा आकर्षक बनाया जाए ताकि बिहार की सकारात्मक छवि देशभर में मजबूत हो।
इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, प्रखंड जदयू अध्यक्ष सदानंद सिंह, मिथलेश कुमार चंद्रवंशी, विकास कुमार कर्ण, रुबी देवी, प्रेम प्रभात सिन्हा और रानी झा समेत बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर मेयर ने सौंपा ज्ञापन
भागलपुर प्रवास के दौरान नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा से मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने भी मुलाकात की। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर तैयार आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) मॉडल की जल्द विभागीय स्वीकृति दिलाने की मांग की।
मेयर ने बताया कि नगर निगम ने विभाग के मॉडल प्रारूप के अनुरूप नई सफाई व्यवस्था के लिए प्रस्ताव और निविदा तैयार कर विभाग को भेज दिया है। संबंधित फाइल फिलहाल विभाग में लंबित है।
उन्होंने कहा कि शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए यह नया मॉडल बेहद जरूरी है। इसके लागू होने से सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी।
पारदर्शी निविदा प्रक्रिया की मांग
मेयर ने कहा कि यह एक बड़ी परियोजना है। ऐसे में निविदा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए विभागीय स्तर पर समर्पित निविदा निष्पादन समिति का गठन जरूरी है।
उन्होंने प्रभारी मंत्री से अनुरोध किया कि जनहित को देखते हुए आरएफपी मॉडल को जल्द मंजूरी दी जाए और निविदा प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए सक्षम कमेटी गठित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया जाए।
मेयर ने विश्वास जताया कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
व्यवसायी संघ ने भी रखीं मांगें
सर्किट हाउस में मंत्री नीतीश मिश्रा के सम्मान समारोह के दौरान व्यवसायी संघ की ओर से भी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संघ का प्रतिनिधित्व कर रहे पार्षद अश्विनी जोशी मोंटी ने शहर के प्रवेश द्वार पर तोरण द्वार निर्माण के लिए विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा जीएसटी धारकों को ट्रेड लाइसेंस से मुक्त करने, खलीफाबाग समेत कई अव्यवहारिक ट्रैफिक सिग्नलों की जांच कर हटाने, सफाई व्यवस्था के लिए नई एनआईटी जारी करने और हर घर नल-जल योजना में तेजी लाने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में सात निश्चय योजना की लंबित राशि उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल थी। मंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।
अगले दौरे में पार्षदों संग होगी बैठक
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अगले भागलपुर दौरे के दौरान नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक कर सभी मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, यातायात, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भागलपुर को एक व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाए।