भागलपुर में आवारा कुत्तों के आतंक से जल्द मिलेगी राहत, नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया पूरी; यह है पूरा एक्शन प्लान
भागलपुर नगर निगम ने आवारा कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। राजस्थान ...और पढ़ें

भागलपुर में आवारा कुत्तों के आतंक से जल्द मिलेगी राहत
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार के भागलपुर शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने आवारा कुत्तों के नियंत्रण और बंध्याकरण के लिए अपनी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। बुधवार को तकनीकी और वित्तीय निविदाएं खोली गईं, जिसमें राजस्थान की एक विशेष एजेंसी का चयन हुआ है।
राजस्थान की एजेंसी को सबसे कम दर पर मिला काम
इस टेंडर प्रक्रिया में राजस्थान की 'संतुलन जीव कल्याण' एजेंसी का चयन सबसे कम दर के आधार पर किया गया है। इस एजेंसी ने 1610 रुपये प्रति कुत्ता की दर से कार्य करने की बोली लगाई थी। वहीं, दूसरी प्रतिस्पर्धी एजेंसी हरियाणा की 'स्नेह एनिमल वेलफेयर सोसायटी' ने 1810 रुपये प्रति कुत्ता का रेट दिया था, जिसके कारण राजस्थान की एजेंसी को चुना गया।
शहर में 10 हजार से ज्यादा आवारा कुत्तों का हुआ आकलन
नगर निगम के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर शहर में वर्तमान में करीब 10,225 आवारा कुत्तों का आकलन किया गया है। अब चयनित की गई नई एजेंसी इन सभी कुत्तों का चरणबद्ध तरीके से बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन), एंटी-रेबीज टीकाकरण करेगी। इसके साथ ही इन कुत्तों के उपचार, भोजन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी।
टीकाकरण और बंध्याकरण के बाद कान पर लगेगा 'वी' कट
कार्ययोजना के तहत बीमार या घायल कुत्तों का इलाज भी एजेंसी ही करेगी। उपचार और बंध्याकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कुत्तों को वापस उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। विशेष बात यह है कि टीकाकरण और बंध्याकरण की पहचान के लिए इन कुत्तों के कान में निर्धारित तरीके से 'वी' आकार का कट (ईयर-नाच) लगाया जाएगा।
क्या-क्या करेगी एजेंसी
- - 10,225 आवारा कुत्तों का चरणबद्ध बंध्याकरण।
- - सभी कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण।
- - घायल व बीमार कुत्तों का उपचार।
- - इलाज के दौरान भोजन व रखरखाव की व्यवस्था।
- - उपचार के बाद उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहां से पकड़ा गया।
- - रेबीज संक्रमित कुत्तों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जगदीशपुर के कंकैथी डंपिंग ग्राउंड में बनेगा एबीसी सेंटर
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चयनित एजेंसी को जल्द ही स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी को पांच प्रतिशत सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट साइन होते ही काम शुरू हो जाएगा। कुत्तों को रखने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर अस्थायी रूप से जगदीशपुर प्रखंड स्थित कंकैथी डंपिंग ग्राउंड परिसर में बनेगा।
एजेंसी के पास होगी ये 6 बड़ी जिम्मेदारियां
जब तक स्थायी सेंटर तैयार नहीं होता, तब तक तीन-चार महीने के लिए मारवाड़ी पाठशाला के सामुदायिक भवन या भूतनाथ परिसर में वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। एजेंसी मुख्य रूप से 10,225 आवारा कुत्तों का बंध्याकरण, एंटी-रेबीज टीकाकरण, घायल कुत्तों का इलाज और उनके भोजन का ध्यान रखेगी। इसके अलावा रेबीज संक्रमित कुत्तों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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