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    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त : भागलपुर-नवगछ‍िया गंगा पार के लिए नाव-क्रूज सेवा शुरू, न‍िर्धार‍ित क‍िराया ही दें

    Updated: Tue, 05 May 2026 09:50 PM (IST)

    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर में गंगा पार आवागमन के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। बुधवार से 10 बड़ी नावों और क्रूज क ...और पढ़ें

    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त: भागलपुर में गंगा पार के लिए नाव-क्रूज सेवा शुरू, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त: भागलपुर में गंगा पार के लिए नाव-क्रूज सेवा शुरू, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा पार आवागमन बनाए रखना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने बरारी, बाबूपुर और नवगछिया के महादेवपुर घाट पर वैकल्पिक व्यवस्था तेज कर दी है। बुधवार से लोगों को 10 बड़ी नावों और क्रूज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गंगा पार आने-जाने में हो रही परेशानी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

    क्रूज और बड़ी नावों से मिलेगी राहत

    डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि कई क्रूज कंपनियों से बातचीत चल रही है। बड़ी नावों के जरिए चारपहिया वाहन, बड़े वाहन और पेट्रोल टैंकर तक की आवाजाही संभव हो सकेगी। ट्रक मालिकों के साथ भी बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मालवाहक ट्रकों के संचालन की अनुमति भी दी जा सकती है। इसको लेकर क्रूज ऑपरेटर से लगातार बातचीत हो रही है।

    सरकारी व निजी नावों का संचालन तेज

    फिलहाल करीब दो दर्जन सरकारी और निजी नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा पुल निर्माण एजेंसी सिंघल के टग बोट से एक बार में लगभग 300 लोगों को गंगा पार कराया जा रहा है। मंगलवार को टग बोट ने तीन फेरे लगाए। नि:शुल्क सेवा मिलने से आम लोगों को काफी राहत मिली है। वहीं बुधवार से 800 से 1000 क्षमता वाले दो बड़े जेटी शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

    सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम

    घाटों पर सुरक्षा को लेकर भी व्यापक व्यवस्था की गई है। 40 आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। नावों पर गोताखोर मौजूद रहेंगे, जबकि घाटों पर प्रकाश, स्ट्रेचर और एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

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    ग्रामीण ने दी बड़ी नाव की पेशकश

    इसी बीच एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया। बरारी पुल घाट पर पटना के राघोपुर दियारा निवासी महेश्वर महतो अचानक डीएम से मिले। उन्होंने बताया कि उनके पास दो बड़ी नावें हैं, जिनमें एक बार में 800 लोग सवार हो सकते हैं। साथ ही एक नाव में 40 बालू लदे ट्रैक्टर ले जाने की क्षमता भी है।

    डीएम ने तुरंत दिए संचालन के निर्देश

    महेश्वर महतो की बात सुनकर डीएम ने बिना देर किए नाव मंगाने का निर्देश दिया। महेश्वर ने भरोसा दिलाया कि बुधवार तक दोनों नाव भागलपुर पहुंच जाएंगी और सेवा शुरू कर दी जाएगी। ग्रामीण वेशभूषा में पहुंचे महेश्वर महतो को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए कि इतनी बड़ी क्षमता वाली नाव उनके पास है।

    बाबूपुर घाट पर सुविधाएं बढ़ाई गईं

    सबौर के बाबूपुर गंगा घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए ढलान को समतल कर दिया गया है, ताकि नाव पर चढ़ने-उतरने में परेशानी न हो। सीओ सौरव कुमार ने बताया कि यहां चलंत शौचालय, पेयजल, एंबुलेंस, पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। दो सरकारी नावें नि:शुल्क और तीन निजी नावें निर्धारित शुल्क पर संचालित हो रही हैं।

    प्रशासन ने जारी किया किराया

    जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने नावों के लिए किराया भी निर्धारित कर दिया है। 12 वर्ष से कम उम्र के यात्रियों के लिए 25 रुपये और 12 वर्ष से अधिक के लिए 50 रुपये तय किए गए हैं। वहीं मोटरसाइकिल के लिए 50 रुपये और साइकिल के लिए 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से तय दरों का ही भुगतान करने की अपील की है।