Waqf Board गठन को लेकर JDU अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का खुला विरोध, जल्द होगा आंदोलन; क्या करेंगे नीतीश?
भागलपुर में सुन्नी वक्फ बोर्ड के हालिया गठन पर जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण, नियमविरुद्ध और अल्पसंख्यक स ...और पढ़ें

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

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जांगरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिला सुन्नी वक्फ बोर्ड के हालिया गठन को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार को महानगर जदयू कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने इस गठन को पूरी तरह पक्षपातपूर्ण, नियमविरोधी और अल्पसंख्यक समाज की भावनाओं के खिलाफ बताते हुए खुला विरोध दर्ज कराया।
नेताओं ने एक स्वर में जदयू नेता राकेश कुमार ओझा की पूर्व मांग का समर्थन करते हुए तथाकथित कमिटी को तत्काल भंग करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वक्फ जैसी संवेदनशील संस्था में राजद, कांग्रेस और दल विरोधी तत्वों को जगह देना न केवल जदयू कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है, बल्कि संगठन की विचारधारा के साथ भी खिलवाड़ है।
प्रदेश महासचिव महबूब आलम ने कहा कि जिन्होंने चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया, उन्हें सम्मानित पद देना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष शाबान खान ने इसे जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बताते हुए कहा कि संघर्ष और तेज होगा। शमीम रिजवी ने आरोप लगाया कि कमिटी का गठन संगठनात्मक सोच से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर किया गया है। मुमताज आलम ने कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है।
प्रखंड अध्यक्ष फजीर अंसारी और कहकशां खातून ने भी कमिटी के पुनर्गठन की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की भागीदारी के बिना कोई भी कमिटी स्वीकार्य नहीं हो सकती।
महानगर जदयू अध्यक्ष संजय साह ने एलान किया कि एक-दो दिनों में समर्पित अल्पसंख्यक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल शीर्ष नेतृत्व से मिलकर इस कमिटी को भंग करने की मांग करेगा। प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।