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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhagalpur: भागलपुर को नए साल में चार अस्पतालों का तोहफा, अब एक ही छत के नीचे होगा कई बीमारियों का इलाज; 16 जिलों के लोगों को फायदा

    Updated: Tue, 02 Jan 2024 08:32 AM (GMT+05:30)

    भागलपुर वासियों को नए साल में सिल्क सिटी को चार अस्पतालों का तोहफा मिलने वाला है। इनमें से एक तो पूरी तरह से बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ चिकित्सकों नर ...और पढ़ें

    इस साल भागलपुर को मिलेगा चार अस्पतालों का तोहफा
    इस साल भागलपुर को मिलेगा चार अस्पतालों का तोहफा

    मिहिर, भागलपुर। साल 2024 स्वास्थ्य के क्षेत्र में भागलपुरवासियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। नए साल में सिल्क सिटी को चार अस्पतालों का तोहफा मिलने वाला है। इनमें से एक तो पूरी तरह से बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ चिकित्सकों, नर्सों व स्वास्थकर्मियों की नियुक्ति होनी है।

    शेष तीन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ये चारों अस्पताल भागलपुर समेत आसपास के 16 जिलों के लोगों को आधुनिक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इन अस्पतालों में उपचार शुरू होने से यहां के रोगियों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

    200 करोड़ की लागत से पांच एकड़ में इस अस्पताल का निर्माण किया गया है। अस्पताल 100 बेड का होगा। यहां रोगियों को हर तरह की सुविधा मिलेगी।

    सात मंजिल वाले इस अस्पताल में नेफ्रोलाजी, यूरोलाजी, कार्डियोलाजी, न्यूरो सर्जरी, जेरिएट्रिक्स विभाग के साथ-साथ आधुनिक ट्रामा वार्ड भी बनाया गया है।

    इसके अलावा एमआरआइ, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलाजिकल टेस्ट की सुविधा भी सुविधा मिलेगी। यहां अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर भी बनाया गया है।

    नए भवन में शिफ्ट होगा सदर अस्पताल

    सदर अस्पताल इसी साल नए भवन में शिफ्ट होगा। भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मार्च माह में इस भवन को स्वास्थ्य विभाग को सौंपे जाने की उम्मीद है। अभी सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज के लिए एक जगह से दूसरे जगह भटकना पड़ता है।

    यानी ओपीडी में इलाज कराने वालों को जांच के लिए कहीं और जाना पड़ता है। आपरेशन के बाद मरीजों को दूसरे भवन में शिफ्ट कराया जाता है। नए भवन के बनने से इस तरह की परेशानियों से मरीजों को मुक्ति मिल जाएगी। मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच, इलाज, आपरेशन, दवा, एक्स-रे की सेवा मिलने लगेगी।

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    दो फैब्रिकेटेड अस्पतालों का चल रहा निर्माण

    जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल में एक और फैब्रिकेटेड अस्पताल का निर्माण कार्य आरंभ हो गया है। यह 100 बेड का होगा। इससे निर्माण होने से जेएलएनएमसीएच में बेड की संख्या बढ़कर एक हजार हो जाएगी। यहां पहले भी एक फैब्रिकेटेड अस्पताल का निर्माण कराया गया है। जहां मरीजों का इलाज चल रहा है। इधर, सदर अस्पताल में भी फैब्रिकेटेड अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसी साल यहां मरीजों को भर्ती करना आरंभ कर दिया जाएगा। फिलहाल यहां बच्चों का इलाज होगा।

    प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच उपकेंद्र

    जिले के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में पांच स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। कई जगहों पर भवन निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है। यहां सामान्य रोग का इलाज होगा। वैक्सीनेशन का काम भी होगा। इस सेवा के आरंभ होने से मरीज को छोटी मोटी बीमारी के लिए शहर के बड़े अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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