अजगैवीनाथ धाम-देवघर 132 KV ट्रांसमिशन लाइन पर लगेंगे 'बर्ड गार्ड'; पक्षियों व फाल्ट से सुरक्षित होगी बिजली सप्लाई
बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड अजगैवीनाथ धाम-देवघर 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन पर 'बर्ड गार्ड' लगाएगी। यह पहल पक्षियों के ...और पढ़ें

पक्षियों व फाल्ट से सुरक्षित होगी बिजली सप्लाई
HighLights
BSPTCL लगाएगी 132 केवी लाइन पर बर्ड गार्ड।
पक्षियों के घोंसले और बीट से फॉल्ट रुकेंगे।
9.94 लाख रुपये की लागत से परियोजना होगी पूरी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बाबा अजगैवीनाथ धाम (सुलतानगंज) से लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के बीच गुजरने वाली 132 केवी (एक लाख 32 हजार वोल्ट) की महत्वपूर्ण विद्युत ट्रांसमिशन लाइन को अब पक्षियों के कारण होने वाले तकनीकी फॉल्ट और ब्रेकडाउन से पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) ने इस हाई-वोल्टेज लाइन के सभी ट्रांसमिशन टावरों पर विशेष 'बर्ड गार्ड' (Bird Guards) और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने की व्यापक योजना तैयार की है।
विद्युत संचरण तंत्र में पक्षियों के कारण होने वाली बाधाओं को दूर करने और बिना किसी रुकावट के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में ट्रांसमिशन कंपनी का यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
घोंसले और बीट से होता है शॉर्ट सर्किट व ट्रिपिंग
विद्युत अभियंताओं के अनुसार, खुले क्षेत्रों और जंगलों से गुजरने वाले ट्रांसमिशन टावरों के ऊपरी स्ट्रक्चर पर अक्सर पक्षी अपना बसेरा बना लेते हैं। कई बार पक्षी टावर के इंसुलेटर और लाइव वायर के बेहद करीब तिनके, तार और सूखी लकड़ियों से घोंसला बना लेते हैं। पक्षियों की गीली बीट (Droppings) या घोंसले में इस्तेमाल की गई सामग्री इंसुलेटर के संपर्क में आने से इंसुलेटर की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे अचानक शॉर्ट सर्किट, फ्लैशओवर और लाइन ट्रिपिंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इस फॉल्ट के कारण एक तरफ जहां पूरे इलाके में घंटों बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है, वहीं दूसरी तरफ 1.32 लाख वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन के घातक संपर्क में आने से बेजुबान पक्षियों की भी करंट लगने से अकाल मौत हो जाती है। बर्ड गार्ड लगने से पक्षी टावर के संवेदनशील व खतरनाक हिस्सों पर नहीं बैठ सकेंगे।
9.94 लाख रुपये की लागत से जारी हुआ टेंडर
बीएसपीटीसीएल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुलतानगंज-देवघर रूट पर स्थित विभिन्न टावरों पर बर्ड गार्ड, टावर एसेसरीज और संबंधित जरूरी उपकरणों की आपूर्ति व फिटिंग के लिए विधिवत निविदा (Tender) आमंत्रित की गई है। इस पूरी सुरक्षा परियोजना पर विभाग द्वारा कुल 9 लाख 94 हजार 290 रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
6 अक्टूबर तक आवेदन, 7 को खुलेगी तकनीकी बिड
कंपनी ने निविदा में भाग लेने के लिए एजेंसियों के वास्ते अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की है। इसके अगले दिन, यानी 7 अक्टूबर को निविदा का टेक्नो-कमर्शियल पार्ट (तकनीकी बिड) खोला जाएगा। सभी तकनीकी व वित्तीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित कार्यकारी एजेंसी को कार्य आदेश दिया जाएगा, जो टावरों पर पहुंचकर बर्ड गार्ड लगाने का काम पूरा करेगी। इसके बाद इस पूरे क्षेत्र में फॉल्ट की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी।
