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    CM सम्राट ने किया हवाई सर्वेक्षण, बोले- विक्रमशिला सेतु की मरम्मत तेजी से करें, गुणवत्ता से समझौता हुआ तो खैर नहीं

    Updated: Tue, 05 May 2026 10:11 PM (IST)

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को तेजी से मरम्मत कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने गु ...और पढ़ें

    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, मरम्मत तेज करने के निर्देश

    विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, मरम्मत तेज करने के निर्देश

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु का हवाई सर्वेक्षण किया।

    2. क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत तेजी से करने के निर्देश दिए गए।

    3. गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से समझौता न करने की हिदायत।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर को सीमांचल और पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली जीवनरेखा विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मरम्मत कार्य तेज करने का निर्देश दिया। सरकार इस मामले को प्राथमिकता के तौर पर देख रही है।

    हेलीकॉप्टर से दो बार लगाया चक्कर

    मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का करीब पांच मिनट तक बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान हेलीकॉप्टर से दो बार चक्कर लगाकर पुल की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने पुल के स्लैब, आसपास के ढांचे और यातायात पर पड़े असर का आकलन किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सीधे पटना के लिए रवाना हो गए।

    अधिकारियों को सख्त निर्देश

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरओ, पुल निर्माण निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग के वरीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। उन्होंने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता न करने की हिदायत दी। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में काम कराने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

    वैकल्पिक व्यवस्था पर भी नजर

    हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में संचालित नाव सेवा का भी जायजा लिया। बरारी घाट पर चल रही इस व्यवस्था के जरिए लोगों की आवाजाही जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नावों की क्षमता, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। इससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।

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    प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट

    मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासनिक टीम पहले से तैनात रही। बरारी घाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान निगरानी बनाए रखी गई।

    लोगों में जगी उम्मीद

    मुख्यमंत्री के निरीक्षण की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बरारी घाट पर जुट गए। स्थानीय लोगों को अब मरम्मत कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि सरकार की सीधी निगरानी से जल्द ही पुल पर आवागमन सामान्य हो सकेगा।

    सीमांचल से संपर्क पर असर

    गौरतलब है कि तीन मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया था। इस सेतु के जरिए भागलपुर का संपर्क किशनगंज, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों से है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों से भी यह महत्वपूर्ण कड़ी है। सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद पूरे क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ है और लोग वैकल्पिक साधनों का सहारा ले रहे हैं। राज्य सरकार की सक्रियता और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मरम्मत कार्य पूरा कर इस अहम सेतु पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।