बिहार के 38 जिलों में 6895 शिक्षकों को मिला ₹34 करोड़ अतिरिक्त वेतन; मुख्यालय ने सभी DEO से 7 दिन में मांगा जवाब
Bihar Teacher Salary Scam 34 Crore Overpayment: शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के वेतन, आवास भत्ता और एरियर में ₹34.11 करोड़ ...और पढ़ें

Bihar Teacher Salary Scam 34 Crore Overpayment: बिहार के 38 जिलों में शिक्षकों को ₹34 करोड़ का वेतन भुगतान
HighLights
शिक्षकों को ₹34.11 करोड़ का अतिरिक्त वेतन भुगतान।
सभी 38 जिलों के DEO से मांगा स्पष्टीकरण।
भागलपुर में ₹1.84 करोड़ की वसूली बकाया।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bihar Teacher Salary Scam 34 Crore Overpayment: शिक्षा विभाग में शिक्षकों एवं कर्मियों के वेतन, आवास भत्ता और एरियर भुगतान में बरती गई घोर वित्तीय अनियमितता को लेकर विभाग मुख्यालय ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के माध्यम से निर्धारित दर से अधिक राशि का भुगतान किए जाने के मामले में मुख्यालय ने राज्य के सभी 38 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) से जवाब-तलब किया है।
निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पाण्डेय ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सात दिनों के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण और संबंधित अभिलेख समर्पित करने का अल्टीमेटम दिया है।
राज्यभर में 6895 मामले उजागर
मुख्यालय स्तर से जारी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के सभी 38 जिलों में एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से अधिक भुगतान के कुल 6,895 मामले पकड़े गए हैं। इन मामलों में सरकारी खजाने से 34 करोड़ 11 लाख 56 हजार 604 रुपये की अनधिकृत व अतिरिक्त निकासी की गई है।
₹34.11 करोड़ की हुई अधिक निकासी
विभाग ने इस भारी गड़बड़ी के लिए पोर्टल पर बिल तैयार करने, जांचने और स्वीकृत करने वाले मेकर, चेकर और अप्रूवर के पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि कर्मियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सॉफ्टवेयर पोर्टल में छेड़छाड़ कर वेतन, एचआरए (मकान किराया भत्ता) और एरियर के मद में भारी वित्तीय हेराफेरी की गई।
भागलपुर में ₹1.84 करोड़ की होनी है वसूली
इस व्यापक वित्तीय गड़बड़ी में भागलपुर जिले का आंकड़ा भी काफी चौंकाने वाला है। जिले में अधिक भुगतान के कुल 202 मामले चिह्नित किए गए हैं, जिनसे कुल एक करोड़ 84 लाख 69 हजार रुपये की सरकारी राशि की वसूली की जानी है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा विभाग की तत्परता से अब तक एक करोड़ 33 लाख 37 हजार रुपये की वसूली सफलतापूर्वक कर ली गई है, जबकि 51 लाख 32 हजार रुपये की राशि अभी भी बकाया है।
पूर्व अफसरों पर भी लटकेगी तलवार
विभागीय सूत्रों का संकेत है कि जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, इस राशि में और बढ़ोतरी हो सकती है। भागलपुर में यह पूरा मामला वर्ष 2024 से जुलाई 2026 तक की अवधि के बीच का है। ऐसे में इस समयावधि के दौरान जिले में पदस्थापित रहे पूर्व शिक्षा पदाधिकारी व स्थापना से जुड़े कर्मी भी अब विस्तृत जांच के घेरे में आएंगे।
डीईओ की निगरानी पर सवाल
निदेशक (प्रशासन) ने पत्र में स्पष्ट रेखांकित किया है कि वेतन भुगतान प्रणाली में मेकर, चेकर और अप्रूवर की स्पष्ट जवाबदेही पूर्व से तय है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) का यह विधिक दायित्व है कि वे वेतन व भत्तों की शत-प्रतिशत जांच के बाद ही निकासी करें।
7 दिन में जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी को पूरे जिले में एचआरएमएस के कामकाज और वित्तीय शुद्धता की सख्त निगरानी करनी थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी धनराशि का गलत भुगतान होना जिला स्तर पर प्रशासनिक पर्यवेक्षण में भारी शिथिलता व लापरवाही को दर्शाता है।
मुख्यालय ने कड़े शब्दों में डीईओ से पूछा है कि उनके पद पर रहते हुए इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी कैसे घटित हुई और समय रहते इस पर अंकुश क्यों नहीं लगाया गया? विभाग ने इसे वित्तीय संहिता और सरकारी सेवा नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि सात दिनों के भीतर संतोषजनक व साक्ष्ययुक्त जवाब प्राप्त न होने पर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर एकतरफा निर्णय लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
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