बेली ब्रिज हटाने आज भागलपुर पहुंचेगी BRO की 80 सदस्यीय टीम; ठहरने, इलाज, सुरक्षा और SDRF बोट की मांगी व्यवस्था
Bhagalpur Vikramshila Setu Bailey Bridge De Launching: विक्रमशिला सेतु पर लगे बेली ब्रिज को हटाने के लिए सीमा सड़क संगठन ...और पढ़ें

Bhagalpur Vikramshila Setu Bailey Bridge De Launching: भागलपुर विक्रमशिला सेतु पर 30 सितंबर की रात से बंद होगा ट्रैफिक
HighLights
BRO की 80 सदस्यीय टीम बेली ब्रिज हटाने आज भागलपुर।
टीम के लिए ठहरने, चिकित्सा, सुरक्षा की विशेष व्यवस्था।
30 सितंबर से सेतु पर आवागमन बंद, 1 अक्टूबर से काम।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Vikramshila Setu Bailey Bridge De Launching: गंगा नदी पर बने लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु के स्थायी जीर्णोद्धार (परमानेंट रेस्टोरेशन) की दिशा में प्रशासनिक और तकनीकी हलचल तेज हो गई है। सेतु के क्षतिग्रस्त भाग पर स्थापित चारों बेली ब्रिज को हटाने (डी-लॉन्चिंग) के महाअभियान को अंजाम देने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 80 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम आज भागलपुर पहुंच रही है।
बीआरओ टीम के सुरक्षित और सुचारु कार्य संचालन को लेकर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) ने जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्य प्रमंडल भागलपुर के वरीय परियोजना अभियंता ने भागलपुर के जिलाधिकारी (डीएम) को विधिवत पत्र भेजा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बीआरओ की टीम में लगभग 80 तकनीकी कर्मी, इंजीनियर और जवान शामिल हैं। इतने बड़े कार्यबल के भागलपुर में ठहरने और कार्य अवधि के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन से कई अहम इंतजाम समय रहते पूरा करने का अनुरोध किया गया है।
डॉक्टरों की तैनाती और सर्किट हाउस में कमरों की मांग
वरीय परियोजना अभियंता द्वारा प्रेषित पत्र के अनुसार, बीआरओ के वरीय अधिकारियों के ठहरने के लिए सर्किट हाउस में चार कमरों का आवंटन तथा जवानों व तकनीकी कर्मियों के लिए पर्याप्त क्षमता वाले स्टाफ हाउस की व्यवस्था मांगी गई है। इसके अलावा कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल, स्थायी शौचालय और मोबाइल टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
इंजीनियरिंग कार्य की संवेदनशीलता और जोखिम को देखते हुए मेडिकल प्रबंधों पर विशेष जोर दिया गया है। पत्र में बीआरओ दल के लिए एक समर्पित चिकित्सक और पैरामेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति, दो डॉक्टरों के लिए आवासीय व्यवस्था तथा जरूरी जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सेतु के दोनों छोर पर पुलिस पहरा, गंगा में तैनात रहेगी SDRF बोट
विक्रमशिला सेतु पर भारी मशीनरी और मानव बल के सुरक्षित आवागमन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेतु के दोनों छोरों (बरारी एवं नवगछिया साइड) पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की मांग की गई है।
बीआरओ आगमन व प्रशासनिक प्रबंध: मुख्य तथ्य
दल: सीमा सड़क संगठन (BRO) की तकनीकी एवं इंजीनियरिंग यूनिट।
कार्यबल की संख्या: कुल 80 विशेषज्ञ कर्मी व अधिकारी।
आगमन तिथि: 25 सितंबर 2026 (आज)।
उद्देश्य: विक्रमशिला सेतु पर लगे 4 बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग (हटाने का कार्य)।
आवासीय मांग: सर्किट हाउस में 4 कमरे (अधिकारियों हेतु) और स्टाफ हाउस (कर्मियों हेतु)।
चिकित्सीय व्यवस्था: 1 चिकित्सक व पैरामेडिकल टीम, 2 डॉक्टरों के लिए आवास व्यवस्था।
सुरक्षा व जल बचाव: सेतु के दोनों छोर पर पुलिस बल और गंगा में 1 SDRF स्पीड बोट।
इसके साथ ही, गंगा नदी के तेज बहाव के बीच ऊंचाई पर होने वाले इस तकनीकी कार्य के दौरान किसी भी अप्रिय जल दुर्घटना से बचाव के लिए एक अत्याधुनिक एसडीआरएफ (SDRF) स्पीड बोट को लाइफ जैकेट व गोताखोरों के साथ चौबीसों घंटे सेतु के नीचे मुस्तैद रखने का अनुरोध किया गया है।
30 सितंबर की रात से थमेगा चक्का, 1 से डिस्मेंटलिंग
उल्लेखनीय है कि पथ निर्माण विभाग के निर्देशानुसार, विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का आवागमन 30 सितंबर 2026 की रात से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद 1 अक्टूबर से बीआरओ की यह 80 सदस्यीय टीम चारों बेली ब्रिज को डिस्मेंटल (डी-लॉन्च) करने का काम शुरू करेगी।
बेली ब्रिज के हटते ही मुख्य स्पैन पर कार्यस्थल पूरी तरह खाली हो जाएगा, जिसके बाद बीआरपीएनएनएल आधुनिक तकनीक के जरिए सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का कार्य निर्धारित समय-सीमा में शुरू करेगा।
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