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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhagalpur: DPO ने की धक्‍का-मुक्‍की, स्‍कूल का चूल्‍हा तोड़ा; मारपीट की नौबत आई- प्रि‍ंसि‍पल ने लगाए आरोप

    By Sushil SharmaEdited By: Prateek Jain
    Updated: Tue, 26 Sep 2023 04:00 PM (GMT+05:30)

    Bhagalpur News मध्य विद्यालय तेलवारा में सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे डीपीओ आनंद विजय अचानक उग्र हो गए। उन्होंने स्कूल का चूल्हा तोड़ दिया। प्रभारी ...और पढ़ें

    भागलपुर: डीपीओ द्वारा तोड़ा गया विद्यालय का चूल्हा।
    भागलपुर: डीपीओ द्वारा तोड़ा गया विद्यालय का चूल्हा।

    HighLights

    1. मध्यान्ह भोजन डीपीओ ने प्रधानाध्यापक के साथ किया दुर्व्यवहार, एसपी से शिकायत की
    2. DPO पर निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के साथ भी अभद्र भाषा के प्रयोग करने का आरोप
    3. बच्चों की अनुपस्थिति को लेकर दर्ज की रिपोर्ट, प्रधानाचार्य बोले-डीपीओ बात-बात पर देते हैं गाली

    जागरण संवाददाता, भागलपुर: निरीक्षण करने सोमवार को मध्य विद्यालय तेलवारा पहुंचे डीपीओ आनंद विजय अचानक उग्र हो गए। उन्होंने स्कूल का चूल्हा तोड़ दिया।

    प्रभारी प्रधानाचार्य सह गोप गुट के जिला सचिव श्यामनंदन सिंह ने उनपर धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया।

    कहा कि डीपीओ ने शिक्षकों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसे लेकर डीपीओ और प्रधानाध्यापक के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। मारपीट तक की नौबत आ गई।

    आहत प्रधानाचार्य ने घटना की शिकायत भागलपुर के एसएसपी से कर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

    क्या है पूरा मामला ?

    प्रधानाचार्य के अनुसार, डीपीओ स्कूल पहुंचते ही कहने लगे कि तुम नहीं सुधरोगे। बात-बात में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने लगे। आक्रोशित हो कहा कि कार्यालय आकर सारे कागजात दिखाओ।

    इस बीच वे किचन चले गए और वहां बना चूल्हा तोड़ दिया। कहने लगे कि जब गैस पर खाना पकाया जाता है तो मिट्टी का चूल्हा क्यों बनाया गया है? उन्हें सफाई दी गई कि जब गैस उपलब्ध नहीं होती है तो इस चूल्हे को उपयोग में लाया जाता है। इससे वे गुस्से में लाल हो गए।

    परीक्षा दे रहे थे कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्‍चे

    उन्होंने बताया कि डीपीओ ढाई बजे के करीब विद्यालय पहुंचे। उस वक्त वर्ग एक से पांच तक के बच्चे नहीं थे, जबकि वर्ग छह से आठ तक के बच्चे परीक्षा दे रहे थे। वर्ग 1 से 5 तक के बच्चों की उपस्थिति नहीं बनाए जाने का डीपीओ ने कारण पूछा।

    इसके बाद डीपीओ ने वर्ग एक से आठ तक सभी बच्चों के अनुपस्थित होने का प्रतिवेदन बनाया। इस मामले में डीपीओ आनंद विजय से फोन पर बात करने की कोशिश की गई पर उनसे बात नहीं हो पाई।

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