मालदा से स्केटिंग कर बाबाधाम चले Gen Z शिव भक्त; 120 किमी की कठिन यात्रा कर युवाओं को दे रहे खास संदेश
पश्चिम बंगाल के मालदा से दो Gen Z शिव भक्त सूरज राम और मानस मंडल 120 किमी से अधिक स्केटिंग कर बाबाधाम यात्रा पर निकले हैं। यह अनोखी यात्रा युवाओं को स ...और पढ़ें

बंगाल के मालदा निवासी सूरज राम और मानस मंडल स्केटिंग करते हुए तीसरे दिन पहुंचे अजगैवीनाथ धाम
HighLights
मालदा के Gen Z युवा स्केटिंग कर बाबाधाम यात्रा पर।
120 किमी से अधिक की कठिन यात्रा, तीन दिनों में सुल्तानगंज पहुंचे।
सनातन धर्म और अखंड भारत का संदेश दे रहे शिव भक्त।
संवाद सूत्र, अजगैवीनाथ धाम (भागलपुर)। कहते हैं कि अगर मन में दृढ़ संकल्प और अटूट श्रद्धा हो, तो मुश्किल से मुश्किल राह भी आसान हो जाती है। यह बात आज के दौर के युवाओं यानी 'जेन जी' (Gen Z) पर पूरी तरह सटीक बैठती है, जिनमें आधुनिकता के साथ-साथ सनातन धर्म और आस्था की अनूठी झलक देखने को मिल रही है।
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लाखों श्रद्धालु कोई दंडी बम, कोई डाक बम, तो कोई साइकिल या लग्जरी वाहनों से सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच पश्चिम बंगाल के मालदा से आए दो जेन जी कांवड़ियों ने अपनी अनोखी और साहसिक यात्रा से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
पैरों में स्केटिंग और दिल में शिव भक्ति की लौ
मालदा के रहने वाले दो युवा शिव भक्त, सूरज राम और मानस मंडल, अपने पैरों में स्केटिंग शूज पहनकर 120 किलोमीटर से अधिक लंबी बाबाधाम यात्रा पर निकले हैं। लगातार तीन दिनों तक स्केटिंग करते हुए यह अनोखी कांवड़ यात्रा शुक्रवार को सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट पर पहुंची।
भीषण गर्मी, तपती धूप और भारी उमस के बावजूद इन दोनों युवाओं के चेहरे पर न तो कोई थकान दिखी और न ही उनका हौसला डिगा। अजगैवीनाथ धाम में स्थानीय पंडा से विधिवत संकल्प और गंगाजल लेकर दोनों युवा स्केटिंग करते हुए देवघर (बाबाधाम) के लिए रवाना हो गए।
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अखंड भारत और सनातन धर्म का संदेश देना है मुख्य उद्देश्य
यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए स्केटिंग बम सूरज राम ने बताया, "अजगैवीनाथ धाम से जल उठाकर वे बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और सोमवार को विश्व शांति तथा जनकल्याण की कामना के साथ जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद वे बासुकीनाथ धाम में जलार्पण कर पारसनाथ मंदिर के दर्शन के साथ अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे।"
सूरज ने अपनी यात्रा के उद्देश्य पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनकी इस कठिन यात्रा का मुख्य मकसद देश के जेन जी युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना है। उन्होंने कहा, "हमारी यह यात्रा अखंड भारत के पुनर्निर्माण और सनातन धर्म के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाने के लिए है। सनातन ही हमारी वास्तविक पहचान है। इसे भूलकर हम अपनी संस्कृति और अस्तित्व दोनों को खो देंगे।"
जब विदेशी अपना रहे सनातन, तो हम क्यों पीछे रहें?
दोनों शिव भक्तों ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया और विदेशों में रहने वाले लोग सनातन धर्म के गूढ़ दर्शन और मूल्यों को अपना रहे हैं, तो हमें एक भारतीय के रूप में अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
सूरज ने कहा, "अगर इंसान के मन में पक्का इरादा हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।" यह उनकी दूसरी पारसनाथ यात्रा है। स्केटिंग करते हुए सड़क से गुजरते इन जेन जी कांवड़ियों को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है और हर कोई उनके इस जज्बे की सराहना कर रहा है।