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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: बालू माफिया लगा रहे हैं नीतीश सरकार को करोड़ों का चूना! इन पांच जिलों के खनन अधिकारियों को मिली कड़ी चेतावनी

    By Jagran News Edited By: Mukul Kumar
    Updated: Mon, 26 Feb 2024 03:18 PM (GMT+05:30)

    Bihar Crime News बालू माफिया सरकार को हर महीने घाटा पहुंचा रहे हैं। कई जिले तो ऐसे हैं जहां 50 फीसद से काम वसूली हुई है। विभाग के अपर सचिव रवि परमार न ...और पढ़ें

    बालू माफिया पहुंचा रहे हैं सरकार को घाटा
    बालू माफिया पहुंचा रहे हैं सरकार को घाटा

    HighLights

    1. बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर और किशनगंज के खनन अधिकारियों को मिली चेतावनी
    2. लखीसराय, भागलपुर, बांका और जमुई में रुक नहीं पा रहा अवैध खनन का धंधासंजय सिंह, भागलपुर : अवैध खनन का सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है। कई जिले तो ऐसे हैं जहां 50 फीसद से काम वसूली हुई है। विभाग के अपर सचिव रवि परमार ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, किशनगंज और लखीसराय के खनन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। अवैध खनन को रोकने के लिए बनाया गया टास्क फोर्स भी अधिकतर जिलों में निष्क्रिय है। खनन वभाग

    संजय सिंह, भागलपुर। अवैध खनन का सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है। कई जिले तो ऐसे हैं जहां 50 फीसद से काम वसूली हुई है। विभाग के अपर सचिव रवि परमार ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, किशनगंज और लखीसराय के खनन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।

    अवैध खनन को रोकने के लिए बनाया गया टास्क फोर्स भी अधिकतर जिलों में निष्क्रिय है। खनन वभाग के अधिकारी दबी जुबान से इस बात को स्वीकार करते हैं कि पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला पाने के कारण लक्ष्य पूरा करना बड़ी चुनौती है।

    पूरे राज्य में इतनी हुई वसूली

    जानकारी के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में पूरे राज्य में 3662.30 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन दस महीने में मात्र 1896.43 करोड़ की ही वसूली हो पाई। बांका को 122 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था लेकिन आधी वसूली ही हो पाई। जमुई की स्थिति तो और ज्यादा खराब है।

    यहां 170 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन वसूली मात्र 47.5 लाख की ही हुई। मुंगेर में 22 करोड़ की जगह नौ करोड़ और किशनगंज में 50 करोड़ की जगह 22 करोड़ की वसूली हो पाई है। पूर्व बिहार में सबसे ज़्यादा लक्ष्य लखीसराय को दिया गया था। लखीसराय और भागलपुर में भी वसूली का आंकड़ा संतोषप्रद नहीं है।

    खबरें और भी

    बिहार के अपर निर्देशक रवि परमार ने लक्ष्य से पिछड़े जिले को चेतावनी दी है कि यदि मार्च तक लक्ष्य पूरा नहीं किया तो कठोर करवाई की जाएगी। लखीसराय की एक घटना ने यह साबित कर दिया की कुछ पुलिस वालों की भी तस्करों से मिलीभगत है। गुरुवार को मुंगेर के डीआइजी के निर्देश पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    बालू कारोबारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया

    बांका के पंजवारा, अमरपुर, रजौन, बेलहर और भागलपुर के सन्हौला जगदीशपुर, शाहकुंड, बाथ, जमुई के झाझा, खैरा और लक्ष्मीपुर इलाकों में बालू की तस्करी रोकने के लिए कोई एजेंसी सक्रिय नहीं है। तस्करों का मनोबल भी बढ़ा हुआ है। शनिवार को बांका के रामपुर गांव में बालू कारोबारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया।

    पुलिस से बालू लदे ट्रैक्टर को भी छुड़ा ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि दबंग इस धंधे में संलिप्त हैं। पवार पालिटिक्स की वजह से पुलिस और खनन विभाग के अधिकारी लौसा घाट से हो रही बालू तस्करी को रोक नहीं पाते।

    भागलपुर के सन्हौला, जगदीशपुर, कजरैली और शाहकुंड से बालू चोरी को लेकर दर्जनों शिकायतें इन इलाकों के ग्रामीणों ने वरीय अधिकारियों से की लेकिन इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया।

    इधर, भागलपुर के डीआइजी विवेकानंद ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर भागलपुर और बांका में 23 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। यहां सीसीटीवी कैमरा भी लगाए जाएंगे। इससे चुनाव में शांति व्यवस्था बनी रहेगी और अवैध कारोबारियों पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।

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