विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Cervical Spine Surgery: 5वीं मंजिल से गिरे मजदूर का सफल ऑपरेशन! JLNMCH में पहली बार डॉक्टरों ने की जटिल सर्जरी

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:38 AM (IST)

JLNMCH Bhagalpur Cervical Spine Surgery: जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) भागलपुर में पहली बार एक अत्यंत जटिल सर्वाइकल ...और पढ़ें

JLNMCH Bhagalpur Cervical Spine Surgery: जेएलएनएमसीएच में पहली बार हुई सर्वाइकल स्पाइन की सफल सर्जरी, छत से गिरे मजदूर को डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी की टीम ने दी नई जिंदगी

JLNMCH Bhagalpur Cervical Spine Surgery: जेएलएनएमसीएच में पहली बार हुई सर्वाइकल स्पाइन की सफल सर्जरी, छत से गिरे मजदूर को डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी की टीम ने दी नई जिंदगी

HighLights

  1. JLNMCH में पहली जटिल सर्वाइकल स्पाइन सर्जरी सफल हुई।

  2. छत से गिरे गंभीर रूप से घायल मजदूर को नया जीवन मिला।

  3. डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन किया।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। JLNMCH Bhagalpur Cervical Spine Surgery: जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) के चिकित्सा इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। अस्पताल में पहली बार हड्डी रोग विभाग के यूनिट प्रमुख डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी के नेतृत्व में उनकी विशेषज्ञ टीम ने एक अत्यंत जटिल सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़ की हड्डी) की सफल सर्जरी कर दिखाई है। इस सफल ऑपरेशन से छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए एक मजदूर को नया जीवन मिल गया है।

छत से गिरने से हुई थी गंभीर चोट, शरीर ने करना बंद कर दिया था काम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागलपुर निवासी मजदूर अरुण कुमार मंडल काम करने के दौरान अचानक छत से नीचे गिर पड़े थे। इस भीषण हादसे में उनके कंधे और गर्दन में गंभीर चोटें आईं, जिसके परिणामस्वरूप उनके शरीर के अधिकांश अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। स्थिति इतनी नाजुक थी कि वह खुद से खड़े होने में भी पूरी तरह असमर्थ थे।

  • जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) के चिकित्सा इतिहास में पहली बार सफलतापूर्वक की गई सर्वाइकल स्पाइन की जटिल सर्जरी

  • छत से नीचे गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे मजदूर अरुण कुमार मंडल, शरीर के अंगों ने करना बंद कर दिया था काम

  • हड्डी रोग विभाग के यूनिट प्रमुख डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी और उनकी विशेषज्ञ टीम ने शनिवार को ओटी में किया सफल ऑपरेशन

  • सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक; अस्पताल में टीएचआर, टीकेआर और एसीएल जैसी गंभीर सर्जरी भी हैं लगातार जारी

परिजन गंभीर हालत में उन्हें गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डॉ. विवेक ने त्वरित रूप से उनका प्राथमिक इलाज शुरू किया। मरीज की गंभीर स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत हड्डी विभाग के यूनिट प्रमुख डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी से परामर्श किया।

एमआरआई जांच के बाद लिया गया सर्जरी का निर्णय

विस्तृत जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज की गर्दन की हड्डी खिसक चुकी है और रीढ़ की हड्डी के भीतर स्थित स्पाइनल कॉर्ड तथा उससे निकलने वाली महत्वपूर्ण नसों पर अत्यधिक दबाव बन रहा है। एहतियात के तौर पर गर्दन को स्थिर रखने के लिए मरीज को फिलाडेल्फिया हार्ड कॉलर लगाया गया और वार्ड में भर्ती किया गया।

इसके बाद एमआरआई समेत सभी आवश्यक मेडिकल जांचें कराई गईं, जिसमें गर्दन के पास स्थित पांचवीं और छठी हड्डी (सी-5 और सी-6) हटी हुई पाई गई। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। शनिवार को ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में डॉ. प्रशांत प्रियदर्शी के कुशल नेतृत्व में यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई।

सफल ऑपरेशन के बाद जब मरीज से बातचीत की गई, तो उसकी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक पाई गई। सर्जरी करने वाली इस विशेष टीम में मुख्य रूप से डॉ. विवेक, डॉ. नैंसी, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. रमाशेखर और डॉ. अभिषेक शामिल थे। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जेएलएनएमसीएच में इससे पहले भी टीएचआर (टोटल हिप रिप्लेसमेंट), टीकेआर (टोटल नी रिप्लेसमेंट), स्पाइन सर्जरी, आर्थ्रोस्कोपी, एसीएल और लाटार्जे जैसी कई जटिल और गंभीर बीमारियों का सफल इलाज किया जाता रहा है।