यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JP Nadda Bhagalpur Visit: 'बिहार तकलीफ सह लेगा लेकिन...', भागलपुर में गरजे जेपी नड्डा, लालू यादव को भी खूब सुनाया
Bihar Politics बिहार के भागलपुर में जेपी नड्डा ने इंडी गठबंधन को जमकर घेरा। जेपी नड्डा ने इस दौरान कहा कि बिहार के लोगों की हिम्मत की तारीफ कि और कहा ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार के भागलपुर में जेपी नड्डा ने लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा
- जेपी नड्डा ने पीएम मोदी की उपलब्धि भी गिनवाईं
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। JP Nadda Bihar Visit: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार के भागलपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान जेपी नड्डा ने इंडी गठबंधन, कांग्रेस के साथ-साथ लालू परिवार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस दौरान पीएम मोदी की उपलब्धियों को भी गिनवाया।
बिहार कितनी भी तकलीफ सह लेगा लेकिन....
जेपी नड्डा (JP Nadda) ने इस दौरान बिहार के लोगों के साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार राजनीतिक दृष्टि से बड़ा सजग है। कितनी भी तकलीफ सह लेगा लेकिन बिहार, देश के प्रति और प्रदेश के प्रति अपने दायित्व से नहीं हटता है।
इंडी अलायंस सिर्फ दो बातों का गठबंधन है: जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा कि इंडी अलायंस सिर्फ दो बातों का गठबंधन है। पहला, परिवारवादी पार्टियों का गठबंधन है। दूसरा, भ्रष्टाचारियों को बचाने का गठबंधन है। जो लोग जिंदगीभर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे थे, वही लोग भ्रष्टाचार करने के लिए आज एक साथ हो गए हैं ।
लालू घर में मटन बनाना सिखा रहे
जेपी नड्डा ने कहा कि लालू यादव बेल पर चल रहे हैं और घर में मटन बनाना सिखा रहे हैं। डिंपल-अखिलेश, सोनिया-राहुल, लालू-राबड़ी सहित तमाम विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाया।
आज मेड इन इंडिया मोबाइल बन रहा: जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा कि आज से 10 साल पहले, आप जो मोबाइल फोन इस्तेमाल करते थे, उस पर लिखा होता था, मेड इन चाइना, मेड इन कोरिया, मेड इन जापान। लेकिन, आज आपके पास जो मोबाइल है, उस पर लिखा हुआ है, मेड इन इंडिया। आज भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
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जेपी नड्डा ने आयुष्मान भारत योजना की चर्चा की
Bihar News: जेपी नड्डा ने कहा कि 2014 से पहले, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री को चिट्टियां लिखकर पैसों की मांग करते थे। 1.5 लाख रुपये की मांग की जाती थी, तब जाकर कहीं एक लाख रुपये मिलते थे। बाकी पैसे जनता से इकट्ठा करके इलाज करवाते थे। लेकिन आज आयुष्मान भारत योजना के तहत हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।