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खगड़िया-पूर्णिया एनएच-31 बनेगा फोरलेन; डीजीपीएस मशीन से सर्वे शुरू, नवगछिया और सीमांचल को मिलेगी बड़ी राहत

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:45 PM (IST)

खगड़िया-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) को फोरलेन में बदलने की बहुप्रतीक्षित योजना अब शुरू हो गई है, जिसके तहत सड़क का ...और पढ़ें

खगड़िया-पूर्णिया एनएच-31 पर फोरलेन निर्माण को लेकर डीजीपीएस मशीन से सड़क का तकनीकी सर्वे करती इंजीनियरों की टीम

खगड़िया-पूर्णिया एनएच-31 पर फोरलेन निर्माण को लेकर डीजीपीएस मशीन से सड़क का तकनीकी सर्वे करती इंजीनियरों की टीम

HighLights

  1. खगड़िया-पूर्णिया NH-31 को फोरलेन बनाने का सर्वे शुरू।

  2. आधुनिक डीजीपीएस मशीन से सड़क का गहन सर्वेक्षण जारी।

  3. जाम से मुक्ति मिलेगी, यात्रा का समय काफी घटेगा।

संवाद सहयोगी, नवगछिया (भागलपुर)। कोसी, सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली लाइफलाइन खगड़िया-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-31) को फोरलेन में बदलने की बहुप्रतीक्षित योजना अब धरातल पर उतरने लगी है। लंबे इंतजार के बाद सड़क निर्माण की प्रारंभिक तकनीकी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।

इसके तहत खगड़िया से लेकर पूर्णिया तक आधुनिक डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) मशीन के जरिए सड़क का गहन सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे के दौरान तकनीकी टीमें सड़क के मौजूदा जमीनी लेवल, उसकी ऊंचाई, सड़क के दोनों किनारों के विस्तार और अन्य संवेदनशील तकनीकी बिंदुओं की बारीकी से जांच कर आंकड़े एकत्र कर रही हैं।

कोलकाता और दिल्ली की टीमें जुटा रहीं आंकड़े

फोरलेन निर्माण की प्राथमिक तैयारियों को अमलीजामा पहनाने के लिए कोलकाता और दिल्ली से आई विशेष सर्वे टीमें एनएच-31 पर विभिन्न स्थानों पर कैंप कर काम कर रही हैं। अत्याधुनिक डीजीपीएस तकनीक के जरिए सड़क की भौगोलिक स्थिति और सतह के लेवल का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

खगड़िया-पूर्णिया NH-31 फोरलेन प्रोजेक्ट

  • मार्ग विस्तार: खगड़िया से पूर्णिया (वाया नवगछिया)।

  • वर्तमान स्थिति: डीजीपीएस (DGPS) मशीन से आधुनिक तकनीकी सर्वे जारी।

  • सर्वे टीम: दिल्ली और कोलकाता से आई तकनीकी विशेषज्ञों की टीम।

  • कार्यदायी एजेंसी प्रतिनिधि: जीआर इंफ्रा (पीयूष कमले)।

  • सर्वे का मुख्य फोकस: सड़क का वर्तमान जमीनी लेवल, ऊंचाई, कर्व और तकनीकी बिंदु।

  • मुख्य लाभ: कोसी व सीमांचल में सुगम यातायात, समय की बचत और जाम से मुक्ति।

अधिकारियों के मुताबिक, इस सर्वे से प्राप्त आंकड़ों और रिपोर्ट्स के आधार पर ही फोरलेन सड़क निर्माण की अंतिम तकनीकी रूपरेखा और डीपीआर (विस्तृत कार्ययोजना) को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जाम से मिलेगी मुक्ति, घटेगा यात्रा का समय

खगड़िया से पूर्णिया के बीच एनएच-31 के फोरलेन में तब्दील होने से इस पूरे कॉरिडोर पर वाहनों के आवागमन की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। वर्तमान में संकीर्ण मार्ग और भारी वाहनों के भारी दबाव के कारण खगड़िया, बिहपुर, नवगछिया और पूर्णिया के बीच आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है।

सड़क चौड़ीकरण से न केवल इस मार्ग पर चलने वाले यात्रियों और दैनिक कामकाजी लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, असम व पूर्वोत्तर राज्यों को जाने वाले मालवाहक ट्रकों की आवाजाही भी निर्बाध हो सकेगी।

सर्वे पूरा होते ही आगे बढ़ेगी निर्माण प्रक्रिया

जीआर इंफ्रा के प्रतिनिधि पीयूष कमले ने बताया कि फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में फिलहाल पूरी तत्परता के साथ सड़क का लेवल चेक किया जा रहा है। इसके लिए अनुभवी तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों की टीमें खगड़िया से पूर्णिया तक चिन्हित हिस्सों में लगातार काम कर रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का कार्य संपन्न होने के बाद प्राप्त तकनीकी आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अगले चरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। धरातल पर सर्वे शुरू होने से स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में इस कॉरिडोर के जल्द कायाकल्प की उम्मीद जग गई है।

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