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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भागलपुर में कैसे हार गई कांग्रेस? पार्टी ने इस दमदार नेता को ठहराया जिम्मेदार; I.N.D.I.A में बढ़ सकती है टेंशन

    Updated: Mon, 10 Jun 2024 11:43 AM (IST)

    Bhagalpur Lok Sabha Result भागलपुर में कांग्रेस की हार की वजह कौन है? इस बात का जवाब मिल गया है। पार्टी ने के दमदार नेता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया ...और पढ़ें

    कांग्रेस जिला कमेटी ने हार का ठीकरा प्रत्याशी अजीत शर्मा पर फोड़ा
    कांग्रेस जिला कमेटी ने हार का ठीकरा प्रत्याशी अजीत शर्मा पर फोड़ा

    HighLights

    1. कार्यकर्ताओं ने कहा- प्रत्याशी के अहंकार के कारण चुनाव में मिली हार
    2. कांग्रेस जिला कमेटी ने हार का ठिकरा प्रत्याशी अजीत शर्मा पर फोड़

    जागरण संवाददाता, भागलपुर।  Bihar Politics News Hindi दीपनगर स्थित कांग्रेस भवन में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई। बैठक में भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन से कांग्रेस के प्रत्याशी अजीत शर्मा के हार की समीक्षा की गई। इसमें जिला से लेकर प्रखंड स्तर की कमेटी के पदाधिकारी शामिल हुए।

    पार्टी ने हार का पूरा ठीकरा प्रत्याशी अजीत शर्मा पर फोड़ दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने संगठन की एक नहीं सुनी। पार्टी कार्यकर्ता का सम्मान भी नहीं किया और चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। सभी प्रखंड अध्यक्षों ने यही बात दोहराई।

    बूथ मैनेजमेंट में भी पिछड़ गए- कांग्रेस

    पार्टी के जिलाध्यक्ष को साथ नहीं रखा, लेकिन अपने स्तर से जनसंपर्क अभियान जारी रखा। कोई आदमी पार्टी का गमछा लगा ले तो वो पार्टी के कार्यकर्ता नहीं हो सकते। परवेज जमाल ने कहा कि समीक्षा में यह बातें सामने आई कि प्रत्याशी अजीत शर्मा के अहंकार की वजह से भी हार हुई है। बूथ मैनेजमेंट में भी वे पिछड़ गए।

    बूथों पर कांग्रेस व महागठबंधन के कार्यकर्ता नहीं बल्कि अन्य दलों को जिम्मेदारी दी गई। जो गलती हुई है। उसे भूल कर प्रत्याशी से कहा जाएगा कि विनम्रता जरूर लाएं। बैठक में कांग्रेसियों ने हार के कारणों पर बड़े विस्तार से बिंदुवार अपनी-अपनी बातें रखीं। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष परवेज़ जमाल ने की।

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    संचालन महेश राय ने किया। सभी कांग्रेसियों ने प्रत्याशी के अंहकारी रवैया की बातें, गठबंधन दल के किसी भी अध्यक्ष, सचिव एवं कार्यकर्त्ता को तरजीह नहीं देना या अवहेलना करना एवं उसका पूरे चुनाव में उपयोग नहीं करना, गठबंधन दल के संगठन को छोड़ कर चलना आदि बातें बैठक में सामने आई।   इस दौरान कहा कि अति पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी देने की जरूरत थी। 

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