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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ड्राइविंग लाइसेंस दिलवाने के नाम पर चल रहा 'खेल', एक्शन में परिवहन विभाग; दिया ये सख्त निर्देश

    Updated: Sun, 02 Jun 2024 04:48 PM (IST)

    भागलपुर में ड्राइविंग की ट्रेनिंग के साथ डीएल दिलवाने के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। इसको लेकर कई गैर मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल एक्टिव हो गए है ...और पढ़ें

    ड्राइविंग लाइसेंस दिलवाने के नाम पर चल रहा 'खेल', एक्शन में परिवहन विभाग (सांकेतिक तस्वीर)
    ड्राइविंग लाइसेंस दिलवाने के नाम पर चल रहा 'खेल', एक्शन में परिवहन विभाग (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. ड्राइविंग सर्टिफिकेट पर ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया शुरू होने में लगेगा समय
    2. भागलपुर में परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त तीन ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में ड्राइविंग की ट्रेनिंग के साथ डीएल दिलवाने के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। इसको लेकर कई गैर मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल एक्टिव हो गए है, जबकि जिला में परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त तीन ही ड्राइविंग सेंटर है।

    दरअसल, 1 जून से मोर्थ ने डीएल को लेकर नया निर्देश जारी किया, जिसमें यह कहा गया है कि जो व्यक्ति मान्यता प्राप्त डीएल ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण बाद मिलने वाले प्रमाण पत्र से आवेदन करता है तो उन्हें टेस्ट में रियायत मिलेगी। साथ ही संबंधित विभाग को डीएल जारी करने से पहले जांच करने को भी कहा है।

    आरटीओ के माध्यम से ही बनेगा DL

    हालांकि, राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा पूरे बिहार में यह निर्देश दिया गया है कि डीएल आरटीओ के माध्यम से ही बनेगा। वहीं, शहर में परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल के संचालक अमित पटवारी ने बताया उन्हें केंद्र सरकार के मोर्थ से मान्यता प्राप्त है।

    उन्होंने बताया कि एचएलएमवी के लिए 30 दिन के प्रशिक्षण के लिए 12 हजार, जबकि एलएमवी के लिए पांच हजार तीस दिन का लिया जाता है। हमारे पास पूरी तरह मोर्थ के नियम के अनुसार ट्रेनिंग होता है। वहीं, प्रशिक्षण सर्टिफिकेट पूरे देश भर में मान्य होता है।

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    5000 हजार में 20 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता

    वहीं, शहर के आदमपुर स्थित गैर मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल के संचालक रवि ने बताया कि हमारे यहां 5000 हजार में 20 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही डीएल के लिए अलग से सात हजार रुपए देने होते हैं।शहर में ऐसे कई गैर मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल अपने पर्चे चिपकाने भी शुरू हो गए हैं।

    यानी इनके द्वारा चार से पांच हजार अधिक लिए जा रहे हैं। आपको बता दें कि शहर में मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल में एक जगतपुर, दूसरा गोराडीह जबकि तीसरा कजरेली में है।

    मोर्थ के नए नियम को लेकर किसी तरह का अभी पत्र नहीं मिला है। आदेश आने के बाद ही इसमें कुछ अपडेट होगा। जिले में ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए तीन सेंटर है।- निशांत कुमार, एमवीआई

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