Bhagalpur News: पार्किंग बेचकर मुनाफा, शहर भुगत रहा जाम; 22 भवनों के खिलाफ होगा एक्शन
भागलपुर में जाम की समस्या का कारण पार्किंग की जगह का व्यावसायिक उपयोग होना है। नगर निगम ने 22 ऐसे भवनों को चिह्नित किया है जहाँ बेसमेंट में दुकानें चल ...और पढ़ें

भागलपुर नगर निगम। फाइल फोटो
HighLights
22 भवनों को पार्किंग की जगह व्यावसायिक उपयोग करने पर नोटिस
शहर में 15 पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए
अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए भू-सर्वेक्षण होगा
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर में जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक की जड़ अब सामने आ गई है। भवन निर्माण के समय अनिवार्य पार्किंग की जगह को बेचकर व्यावसायिक उपयोग कर लिया गया और वाहन सड़कों पर खड़े होते चले गए।
नगर निगम ने ऐसे 22 भवनों को चिह्नित कर लिया है, जिनके बेसमेंट में पार्किंग के बजाय दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं। सशक्त स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि बुधवार से इन सभी भवनों को नोटिस भेजकर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में मेयर डॉ. बसुंधरा लाल की अध्यक्षता में हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में यह मामला गंभीर रूप से उठा। नगर आयुक्त शुभम कुमार ने बताया कि पहले ही नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया था, लेकिन शाखा प्रभारी की लापरवाही के कारण नोटिस नहीं भेजा गया।
इस पर समिति ने नाराजगी जताते हुए टाउन प्लानर को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि पार्किंग बेचकर मुनाफा कमाने की छूट नहीं दी जाएगी। इससे न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पार्किंग की कमी नहीं, गलत नीयत है समस्या
नगर निगम ने शहर में 15 स्थलों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया है। इन्हें ठेके पर देने के लिए दिल्ली मॉडल का प्रारूप मंगवाया गया है। समिति का मानना है कि यदि तय व्यवस्था के अनुसार पार्किंग संचालित हो तो सड़कों पर जाम की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है। इसके साथ ही शहर का भू-सर्वे कराने का निर्णय लिया गया, ताकि अवैध निर्माण पर लगाम लगाई जा सके।
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लोहिया पुल पर जाम, पुलिस की भूमिका पर सवाल
जाम की समस्या पर मेयर ने लोहिया पुल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पुलिस ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली पर सिटी मैनेजर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके बाद एसएसपी को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
अतिक्रमण पर लगातार दबाव, जमीन वापस लेगा निगम
बैठक में अतिक्रमण हटाओ अभियान की सराहना करते हुए इसे और तेज करने का निर्णय लिया गया। मुसहरी घाट मार्ग से अतिक्रमण हटेगा, वहीं स्लम बस्ती के जर्जर भवनों को खाली कर ध्वस्त किया जाएगा।
दीपनगर चौक पर निगम की जमीन से अतिक्रमण हटाकर मार्केटिंग काम्प्लेक्स बनाया जाएगा। अतिक्रमणकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
शहर के सौंदर्यीकरण पर फोकस
चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण और मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए आर्किटेक्ट का पैनल तैयार होगा। बूढ़ानाथ मंदिर के सामने सौंदर्यीकरण और पार्किंग टाइल्स बिछाने का निर्णय लिया गया। डाकघर के पास सुंदरलाल लेन में वेंडरों को व्यवस्थित करते हुए इलाके का कायाकल्प होगा।
श्मशान घाट से मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र
बरारी शवदाह गृह के रखरखाव के लिए निविदा निकाली जाएगी। विद्युत शवदाह गृह के उपकरणों की मरम्मत पर 33 लाख रुपये खर्च होंगे। रखरखाव और मानव बल के लिए एजेंसी को 1.45 लाख रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। श्मशान घाट पर शेड का सौंदर्यीकरण, सड़क-नाला निर्माण और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अलग काउंटर खुलेगा।
सड़क, नाला और पानी तीनों पर काम
वार्ड 14, 49, 07, 08 और 41 सहित कई वार्डों में पीसीसी सड़क, नाला पक्कीकरण और ढक्कन लगाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पेयजल व्यवस्था के तहत नए प्याऊ, 19 डीप बोरिंग का रखरखाव, अतिरिक्त मोटर पंप और दो घंटे में शिकायत निस्तारण की व्यवस्था होगी।
होल्डिंग टैक्स में फेल, एजेंसी बाहर
होल्डिंग टैक्स वसूली में खराब प्रदर्शन करने वाली आउटसोर्स एजेंसी को हटाने की तैयारी है। 50 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले एजेंसी केवल 19 करोड़ की वसूली कर सकी। अब स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करते हुए चार प्रतिशत कमीशन पर नई व्यवस्था लागू होगी। मेयर ने दो टूक कहा,अब नियम तोड़ने वाले ही नहीं, लापरवाह अफसर भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।