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नवगछिया में गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से मिली राहत, लेकिन खतरे के निशान के पास बह रही नदी

By Shivam Singh ChauhanEdited By: Nishant Bharti
Updated: Thu, 27 Aug 2026 10:41 AM (IST)

नवगछिया में गंगा नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, नदी ...और पढ़ें

गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से मिली राहत

गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से मिली राहत

HighLights

  1. गंगा के जलस्तर में नवगछिया में मामूली गिरावट दर्ज।

  2. नदी अभी भी चेतावनी और खतरे के निशान के पास।

  3. कई तटबंधों के पांव तक पहुंचा पानी, निगरानी जारी।

संवाद सहयोगी, नवगछिया। गंगा नदी के जलस्तर में गुरुवार सुबह कई स्थानों पर कमी दर्ज की गई, लेकिन नदी का पानी अब भी चेतावनी और खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। विभिन्न जलमापी केंद्रों से सुबह छह बजे प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कई जगहों पर नदी का पानी तटबंध के पांव (टो) तक पहुंच गया है। हालांकि, सभी संबंधित तटबंधों को फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में बताया गया है।

जेबी चोरहर में गंगा का जलस्तर 31.30 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 30.77 मीटर से ऊपर, लेकिन खतरे के निशान 31.77 मीटर से 47 सेंटीमीटर नीचे है। यहां नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के पांव को छू रहा है। स्थिति को सुरक्षित एवं नियंत्रण में बताया गया है।

राघोपुर में जलस्तर 33.16 मीटर

राघोपुर में जलस्तर 33.16 मीटर रहा, जिसमें 12 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। यहां चेतावनी स्तर 32.68 मीटर और खतरे का निशान 33.68 मीटर है। काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध सुरक्षित है, जबकि नदी का पानी तटबंध के पांव तक पहुंच गया है।

मदरौनी में जलस्तर 31.18 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान 31.48 मीटर से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है। यहां पांच सेंटीमीटर की कमी हुई है। नदी का पानी तटबंध के पांव को छू रहा है, लेकिन तटबंध सुरक्षित है।

जलस्तर में मामूली गिरावट से राहत

वहीं इस्माइलपुर-बिंदटोली के एसपी-07 पर जलस्तर 32.18 मीटर रहा, जिसमें चार सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। यहां खतरे का निशान 31.60 मीटर है। नदी का पानी तटबंध के पांव तक पहुंचा हुआ है, बावजूद इसके तटबंध को सुरक्षित बताया गया है।

जलस्तर में मामूली गिरावट से राहत मिली है, लेकिन कई तटबंधों के पांव तक पानी पहुंचने के कारण प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी लगातार जारी है।