नवगछिया में राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन आधी प्लेटफॉर्म पार, गेट पर लटक गया यात्री, आरपीएफ व जीआरपी दौड़े
नवगछिया रेलवे स्टेशन पर डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में बोगी के पायदान पर लटक गया। प्लेटफॉर्म प ...और पढ़ें

नवछिया में राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन।
HighLights
यात्री चलती राजधानी एक्सप्रेस के पायदान पर लटक गया।
आरपीएफ और जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई कर बचाया।
रेलवे ने यात्रियों से सुरक्षित यात्रा की अपील की।
संवाद सूत्र, नवगछिया (भागलपुर)। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार को नवगछिया रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में बोगी के पायदान पर लटक गया। यह घटना प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बन गई। गनीमत रही कि समय रहते रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस के बोगी संख्या 10 का गेट बंद था। इसी दौरान ट्रेन अचानक खुल गई, जिससे संबंधित यात्री बोगी में चढ़ नहीं सका और पायदान पर लटक गया। ट्रेन के चलने के साथ ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोगों ने शोर मचाकर रेलवे कर्मियों को इसकी सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद आरपीएफ इंस्पेक्टर मुन्ना पासी और जीआरपी थाना अध्यक्ष अरुण चौधरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन को रुकवाया। उस समय ट्रेन प्लेटफॉर्म का आधा हिस्सा पार कर चुकी थी। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए यात्री को सुरक्षित तरीके से बोगी में चढ़ाया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। यात्री को किसी प्रकार की चोट नहीं आई।
इसके बाद आवश्यक औपचारिकता पूरी कर ट्रेन को पुनः रवाना कर दिया गया। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी का माहौल बना रहा, लेकिन स्थिति को जल्द ही सामान्य कर लिया गया।
इस संबंध में जीआरपी थाना अध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि यात्रियों को बार-बार जागरूक किए जाने के बावजूद कई लोग चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते हैं, जो अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की लापरवाही के कारण बड़ी घटनाएं घटित होती हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ें या उतरें।