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'इलाज कराकर लौटूंगा...' तिरंगे में लिपटकर लौटे! कोच्चि में तैनात नौसेना जवान सुजीत पाल की विदाई पर रो पड़ा ब‍िहार

Published: Sat, 05 Sep 2026 06:46 AM (IST)

Navy Jawan Sujeet Pal Death: भारतीय नौसेना के जवान सुजीत पाल का सांस लेने में तकलीफ के कारण निधन हो ...और पढ़ें

Navy Jawan Sujeet Pal Death: नवगछिया के नौसेना जवान सुजीत पाल का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार, तिरंगे में लिपटा पहुंचा पार्थिव शरीर

Navy Jawan Sujeet Pal Death: नवगछिया के नौसेना जवान सुजीत पाल का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार, तिरंगे में लिपटा पहुंचा पार्थिव शरीर

HighLights

  1. नौसेना जवान सुजीत पाल का सांस लेने में तकलीफ से निधन।

  2. पार्थिव शरीर बिहार के सधुवा गांव में पहुंचा।

  3. सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई।

संवाद सहयोगी, नवगछिया (भागलपुर)। Navy Jawan Sujeet Pal Death:  बूढ़ी मां और बदहवास पत्नी की पथराई आंखें इस उम्मीद में चौखट पर टिकी थीं कि बेटा अस्पताल से भला-चंगा होकर लौटेगा, लेकिन शुक्रवार की सुबह जब सैन्य वाहन की सायरन गूंजी और आंगन में तिरंगे में लिपटा ताबूत उतरा, तो कलेजा चीर देने वाली चीखों से पूरा सधुवा गांव दहल उठा।

भारतीय नौसेना में तैनात 42 वर्षीय जांबाज जवान सुजीत पाल की असमय विदाई ने रंगरा प्रखंड के सधुवा गांव को आंसुओं के गहरे समंदर में डुबो दिया। जिस बेटे ने सागर की तूफानी लहरों के बीच वतन की हिफाजत की कसमें खाई थीं, वह नियति के क्रूर प्रहार के आगे जिंदगी की जंग हार गया।

navy jawan sujeet pal dies bihar mourns hero tragic demise (3)

  • कोच्चि में तैनात भारतीय नौसेना के 42 वर्षीय जवान सुजीत पाल का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पहुंचा पैतृक गांव सधुवा

  • सांस लेने में तकलीफ के बाद कोलकाता ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम; स्वस्थ होकर लौटने की परिजनों की आस टूटी

  • तिरंगे में लिपटे लाल को देखते ही परिजनों में मचा कोहराम, पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

  • 'भारत माता की जय' के गूंजे नारे; बचपन से मेधावी रहे सुजीत गांव के युवाओं को भी सेना में जाने के लिए करते थे प्रेरित

केरल के कोच्चि में पदस्थापित सुजीत पाल पिछले चार दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। तेज सर्दी-बुखार के साथ उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी। गुरुवार को जब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, तो परिजन उम्मीदों का दीया जलाए बेहतर इलाज के लिए उन्हें लेकर कोलकाता के लिए रवाना हुए।

navy jawan sujeet pal dies bihar mourns hero tragic demise (2)

किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। धौरैया के समीप रास्ते में ही सुजीत की सांसों की डोर टूट गई। परिजनों को भरोसा था कि बड़े अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख से सुजीत स्वस्थ होकर फिर मुस्कुराएंगे, मगर रास्ते में ही आई मौत की खबर ने परिवार के पैरों तले से जमीन खिसका दी।

गार्ड ऑफ ऑनर और गूंजे नारे, आंसुओं से नम हुई माटी

शुक्रवार को जब नौसेना के वाहन से उनका पार्थिव शरीर पैतृक आवास पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। मां और परिजनों का विलाप देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। देश के इस वीर सपूत को सेना के जवानों ने पूरे विधि-विधान से गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

सैन्य सम्मान के साथ जब सुजीत पाल की अंतिम यात्रा निकली, तो सधुवा की गलियां 'जब तक सूरज चांद रहेगा, सुजीत तुम्हारा नाम रहेगा' और 'भारत माता की जय' के गगनभेदी नारों से गूंज उठीं। हर ग्रामीण अपने लाडले की अंतिम यात्रा में कांधा देने को आतुर दिखा।

पीछे छूट गईं केवल यादें, उजड़ गया भरा-पूरा संसार

गांव के बुजुर्ग और साथी नम आंखों से याद करते हैं कि सुजीत बचपन से ही बेहद मेधावी, शांत और सरल स्वभाव के थे। किताबों के साथ-साथ उनके सीने में देशसेवा का अद्वितीय जज्बा धड़कता था। नौसेना में भर्ती होने के बाद वे जब भी छुट्टी पर गांव आते, चौपाल पर युवाओं को बैठाकर मेहनत करने और फौज में जाकर मां भारती की सेवा करने का हौसला भरते थे।

सुजीत के असमय चले जाने से परिवार ने अपना सबसे मजबूत सहारा खो दिया है। जिस घर के आंगन में उनकी छुट्टियों में खिलखिलाहट गूंजती थी, वहां अब केवल दीवारों पर टंगी वर्दी, तस्वीरें और कभी न भरने वाला सूनापन रह गया है। जांबाज बेटे के इस आकस्मिक वियोग से पूरे इलाके में गहरा मातम पसरा है।