न्यू फरक्का-तिलडांगा रेललाइन पर रेल सेवा बहाल, तटबंध धंसने के बाद युद्धस्तर पर हुआ काम
भारी बारिश के कारण न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच रेलवे तटबंध में भू-धंसाव के बाद तीन दिनों में रेल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।

न्यू फरक्का स्टेशन के समीप हो रहे ट्रैक मरम्मती कार्य का निरीक्षण करती पूर्व रेलवे की जीएम गीतिका पांडेय। (जागरण)
HighLights
न्यू फरक्का-तिलडांगा के बीच रेलवे तटबंध में भू-धंसाव हुआ।
तीन दिनों में युद्धस्तर पर काम कर रेल सेवा बहाल की।
सुरक्षा जांच के बाद सामान्य ट्रेन परिचालन फिर से शुरू हुआ।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। 03 सितंबर की रात लगातार हुई भारी वर्षा के कारण न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच रेलवे तटबंध में भू-धंसान होने से अप और डाउन लाइनों के बीच तटबंध से पानी का रिसाव तथा अप दिशा की ओर स्थित एक निकटवर्ती तालाब की मौजूदगी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।
इसके परिणामस्वरूप मिट्टी का कटाव हुआ और चिकनी मिट्टी से भरी जमीन कमजोर पड़ गई, जिससे अप ट्रैक में धंसाव उत्पन्न होने से ट्रेन संचालन पर असर पड़ा।
लेकिन तीन दिनों में न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच प्रभावित रेलखंड में आई समस्या का शनिवार को समाधान कर दिया गया है।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर सामान्य ट्रेन सेवाएं पुनः शुरू कर दी गई हैं। मालदा मंडल के पीआरए के अनुसार मानसून गश्त के लिए तैनात सतर्क पेट्रोलमैन ने समय रहते ट्रैक के असंतुलन का पता लगा लिया, जिससे तत्काल एहतियाती कार्रवाई संभव हो सकी।
स्थायी पथ निरीक्षक और आपातकालीन दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे तथा यात्रियों की सुरक्षा के हित में एहतियाती कदम के रूप में प्रभावित रेलखंड पर ट्रेन परिचालन रोक दिया गया था।
24 घंटे चला काम
युद्धस्तर पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन एवं निगरानी में सफलतापूर्वक कार्य पूरा किया गया।
प्रधान मुख्य इंजीनियर विक्रम गुप्ता, वरिष्ठ अधिकारियों, मालदा मंडल के अधिकारियों, इंजीनियरों, पर्यवेक्षकों तथा सैकड़ों अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने रेलवे बुनियादी ढांचे को सुरक्षित एवं शीघ्र बहाल करने के लिए 24 घंटे लगे रहे।
प्रभावित स्थान पर व्यापक रेल पाइलिंग, स्टोन डस्ट भराई, बैलास्ट पैकिंग तथा अन्य आवश्यक स्थिरीकरण कार्य किए गए। प्रारंभ में छह पाइलिंग रिग और लगभग 200 अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को तैनात किया गया।
रातभर चले बहाली अभियान को आगे मजबूत करते हुए अतिरिक्त 100 स्थानीय श्रमिकों तथा आजिमगंज से 100 श्रमिकों को भी लगाया गया।
घटनास्थल पर स्टोन डस्ट के सात वैगन पहुंचाए गए, जबकि सुजनीपाड़ा के मानसून रिजर्व से दस वैगन तथा जमालपुर, भागलपुर और मालदा टाउन में तैनात 18 अन्य वैगन भी बहाली कार्य में सहायता के लिए तैयार रखे गए।
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