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    विक्रमशिला महाविहार के विकास के लिए NTPC का बड़ा कदम, CSR कोष से करेगा इतने का योगदान

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 11:59 PM (IST)

    कहलगांव स्थित एनटीपीसी ने विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण और विकास के लिए राष्ट्रीय सांस्कृतिक कोष (NCF) तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ समझ ...और पढ़ें

    कहलगांव एनटीपीसी ने विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण के लिए 2 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी

    कहलगांव एनटीपीसी ने विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण के लिए 2 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी

    HighLights

    1. एनटीपीसी ने विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण हेतु समझौता किया।

    2. CSR कोष से दो करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    3. आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया, शौचालय जैसी सुविधाएं बनेंगी।

    संवाद सूत्र, कहलगांव। कहलगांव स्थित एनटीपीसी लिमिटेड के बिजलीघर ने प्राचीन विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को एनटीपीसी और राष्ट्रीय सांस्कृतिक कोष (NCF) तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

    वित्तीय सहायता और उद्देश्य

    इस समझौते के तहत एनटीपीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कोष से विक्रमशिला महाविहार के संरक्षण एवं विकास के लिए दो करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। परियोजना का उद्देश्य महाविहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सुरक्षित रखना और आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    हस्ताक्षर समारोह

    समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और दस्तावेजों का आदान-प्रदान एनटीपीसी कहलगांव बिजलीघर के परियोजना प्रमुख रबिन्द्र पटेल और एनसीएफ के संरक्षण निदेशक सुंदर पॉल के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर बिजलीघर और एएसआई के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    विकास कार्य और सुविधाएं

    समझौते के अनुसार उपलब्ध राशि का उपयोग कैफेटेरिया और आगंतुक कक्ष के निर्माण, वाहनों के लिए पार्किंग, स्वच्छ शौचालय ब्लॉक और शुद्ध पेयजल की सुविधा स्थापित करने में किया जाएगा। इसका लक्ष्य न केवल धरोहर का संरक्षण करना है, बल्कि महाविहार में आने वाले आगंतुकों के अनुभव को भी बेहतर बनाना है।

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    एनटीपीसी की सामाजिक जिम्मेदारी

    परियोजना प्रमुख रबिन्द्र पटेल ने कहा कि यह पहल एनटीपीसी की सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजगता को दर्शाती है। उन्होंने जोर दिया कि विक्रमशिला जैसी वैश्विक महत्व की धरोहर का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।

    एनटीपीसी का यह कदम प्राचीन महाविहार की संस्कृति और इतिहास को संजोने के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय समुदाय के लिए नई सुविधाओं के निर्माण में मददगार साबित होगा।