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    भागलपुर में BSRTC की पोल खुली: पिंक बस में खुलेआम सफर कर रहे पुरुष, ड्राइवर बोला- ये दोनों के लिए है

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:59 AM (GMT+05:30)

    भागलपुर में महिलाओं के लिए शुरू की गई 'पिंक बस सेवा' में पुरुषों के सफर करने का वीडियो वायरल हुआ है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले की जांच के आदेश दिए है ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पिंक बस में पुरुषों के सफर का वीडियो वायरल।

    2. चालक ने बस को 'दोनों के लिए' बताया।

    3. क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच के आदेश दिए, कार्रवाई होगी।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक सफर की सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई 'पिंक बस सेवा' की भागलपुर में सरेआम पोल खुल गई है। भागलपुर बस डिपो से बांका के इंग्लिश मोड़ के बीच चलने वाली एक पिंक बस का इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। (हालांकि, दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है)। वायरल वीडियो में महिलाओं के लिए पूर्णतः आरक्षित बस में पुरुष यात्री धड़ल्ले से सफर करते दिख रहे हैं।

    चालक और परिचालक के बयान ने खोले राज

    वायरल वीडियो में जब एक व्यक्ति ने पिंक बस में पुरुषों की मौजूदगी पर सवाल उठाया, तो बस के चालक ने हैरान करने वाला जवाब दिया। चालक ने कहा कि "यह बस दोनों (महिला और पुरुष) के लिए है।"

    वहीं, बस में मौजूद महिला परिचालिका (कंडक्टर) ने कथित रूप से सफाई देते हुए कहा कि डिपो के समयपाल (टाइमकीपर) के निर्देश पर ही पुरुषों को बस में बैठाया गया है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि उन पर प्रतिदिन 500 से 1000 रुपये तक अधिक टिकट बिक्री करने का मानसिक दबाव बनाया जाता है, जिसके कारण नियमों को ताक पर रखकर पुरुषों को एंट्री दी जा रही है।

    नवगछिया और अमरपुर रूटों पर भी मनमानी

    परिवहन निगम (BSRTC) के सूत्रों की मानें तो बांका, अमरपुर और नवगछिया रूट पर चलने वाली पिंक बसों में पुरुषों को बैठाने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। जबकि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित परिवहन देना था।

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    आरएम ने दिए जांच के आदेश

    मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, भागलपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अमित कुमार ने कहा कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। यदि नियमों का उल्लंघन कर पुरुषों को बस में बैठाने और अनुचित दबाव बनाने का आरोप सही पाया गया, तो दोषी चालक, परिचालक व समयपाल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।