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हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली और ₹98,000 तक सब्सिडी! भागलपुर सहित पूरे बिहार में जोर पकड़ रही 'PM सूर्य घर योजना'

Published: Sat, 05 Sep 2026 08:16 AM (IST)

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Bihar: केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' बिहार में लोकप्रिय हो ...और पढ़ें

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Bihar: बिहार में सोलर लगाने पर केंद्र व राज्य सरकार दे रही ₹98,000 तक अनुदान, भागलपुर समेत जिलों में सौर मेलों से तेज हुआ अभियान

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Bihar: बिहार में सोलर लगाने पर केंद्र व राज्य सरकार दे रही ₹98,000 तक अनुदान, भागलपुर समेत जिलों में सौर मेलों से तेज हुआ अभियान

HighLights

  1. 300 यूनिट मुफ्त बिजली और ₹98,000 तक सब्सिडी।

  2. भागलपुर सहित बिहार में सौर मेलों से पंजीकरण तेज।

  3. नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का अवसर।

ड‍िज‍िटल  डेस्‍क, भागलपुर। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Bihar: घरेलू बिजली के भारी-भरकम बिल और बार-बार स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज कराने के तनाव से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' एक स्थायी और किफायती समाधान बनकर उभरी है।

ब‍िहार में घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विद्युत कंपनियों ने अभियान तेज कर दिया है। भागलपुर समेत सीमांचल, अंग और कोसी क्षेत्र में दक्षिण बिहार विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) तथा उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) द्वारा प्रखंड स्तर पर सौर मेलों और जागरूकता चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।

इस योजना का मुख्य आकर्षण केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाला भारी-भरकम अनुदान (सब्सिडी) है। हाल ही में बिहार सरकार द्वारा राज्य स्तर पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता (टॉप-अप सब्सिडी) के प्रावधान से उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगाना और भी सस्ता हो गया है।

बिहार में सब्सिडी का पूरा गणित

उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर मिलने वाली संयुक्त सब्सिडी का ढांचा इस प्रकार तय किया गया है:

  • 1 किलोवाट (kW): केंद्र सरकार की ₹30,000 सब्सिडी और राज्य सरकार के ₹10,000 अनुदान के साथ कुल ₹40,000 की छूट। (छोटे घरों, पंखे व बुनियादी रोशनी के लिए उपयुक्त)।

  • 2 किलोवाट (kW): केंद्र से ₹60,000 और राज्य से ₹20,000 मिलाकर कुल ₹80,000 की वित्तीय सहायता। (1 एसी, फ्रिज, टीवी वाले मध्यम परिवारों के लिए आदर्श)।

  • 3 किलोवाट (kW) या अधिक: केंद्र सरकार की अधिकतम सीमा ₹78,000 और राज्य के ₹20,000 टॉप-अप के साथ कुल ₹98,000 तक का अनुदान। (2 एसी और भारी घरेलू उपकरणों के उपयोग के लिए)।

3 kW पर ₹98,000 तक की सीधी राहत

यह अनुदान राशि प्लांट के सफल अधिष्ठापन, नेट-मीटरिंग और विभागीय प्रमाणन के 30 से 45 दिनों के भीतर सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में (डीबीटी) भेज दी जाती है।

भागलपुर और आसपास के जिलों में सौर मेलों से बढ़ा रुझान

भागलपुर जिले के शहरी क्षेत्रों के अलावा सन्हौला, जगदीशपुर, कहलगांव और नवगछिया अनुमंडल में बिजली विभाग द्वारा विशेष सौर मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों में विभाग द्वारा सूचीबद्ध (इंपैनल्ड) वेंडर स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को तकनीकी जानकारी, आवश्यक कागजात और लागत का ब्योरा दे रहे हैं।

  • केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' से बिहार में सौर ऊर्जा अपनाने की रफ्तार हुई तेज

  • केंद्र के अधिकतम ₹78,000 के साथ बिहार सरकार के अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान से 3 किलोवाट पर मिल रही कुल ₹98,000 तक की छूट

  • भागलपुर, सन्हौला व आसपास के इलाकों में एसबीपीडीसीएल (SBPDCL) द्वारा लगाए जा रहे सौर मेले; मौके पर ही हो रहा रजिस्ट्रेशन

  • स्मार्ट मीटर रिचार्ज के झंझट से मुक्ति और नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का दोहरा फायदा

विद्युत कार्यपालक अभियंताओं के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता के पास एकमुश्त पूंजी की कमी है, तो उन्हें राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों के माध्यम से 7 प्रतिशत के रियायती वार्षिक ब्याज दर पर आसान ऋण (सोलर लोन) की सुविधा भी शिविरों में ही उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, जो एजेंसी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएगी, वही तय समयावधि तक उपकरणों के नियमित रख-रखाव और परिचालन की जिम्मेदार होगी।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया

इच्छुक घरेलू उपभोक्ता योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अथवा बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के 'सुविधा' (SUVIDHA) मोबाइल ऐप के जरिए सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

  • जरूरी दस्तावेज: वैध सरकारी पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, हालिया बिजली बिल (कंज्यूमर नंबर), आधार लिंक मोबाइल नंबर तथा बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक।

  • शर्त: आवेदक के नाम पर वैध घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए और छत पर 1 किलोवाट के लिए लगभग 100 वर्ग फीट छाया-रहित पक्की जगह उपलब्ध होनी चाहिए।

नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी का जरिया

योजना का एक और बड़ा फायदा 'नेट मीटरिंग' प्रणाली है। 3 किलोवाट का प्लांट रोजाना औसतन 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। दिन के समय बनने वाली बिजली का उपयोग घर में होगा, जबकि अतिरिक्त बची हुई सौर ऊर्जा सीधे पावर ग्रिड में वापस चली जाएगी।

यह बिजली उपभोक्ता के बिजली बिल में क्रेडिट यूनिट के रूप में जुड़ जाएगी, जिसका समायोजन रात की खपत में हो जाएगा। इससे न केवल बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच जाता है, बल्कि सालाना हजारों रुपये की बचत और अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होती है।

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