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    भागलपुर श्रावणी मेला: बाबाधाम की राह में विक्रमशिला सेतु का रोड़ा, 47.8 प्रतिशत घट गई कांवरियों की संख्या

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 03:01 PM (GMT+05:30)

    श्रावणी मेले में कांवरियों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 47.8% की कमी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण विक्रमशिला पुल का क्षतिग्रस्त होना और बे ...और पढ़ें

    भूत बंगला से बाबाधाम की ओर जाते कांवड़िये। फोटो जागरण

    भूत बंगला से बाबाधाम की ओर जाते कांवड़िये। फोटो जागरण

    HighLights

    1. कांवरियों की संख्या में 47.8% की भारी गिरावट दर्ज।

    2. विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त और बेली ब्रिज प्रतिबंध मुख्य कारण।

    3. दुकानदार मायूस, निवेश की वसूली मुश्किल लग रही है।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। श्रावणी मेले में इस वर्ष कांवरियों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 47.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 11 जुलाई से शुरू हुए मेले के पहले आठ दिनों यानी 18 जुलाई तक 15 लाख 99 हजार 872 कांवरियों ने अजगैवीनाथ धाम से गंगाजल उठाकर देवघर के लिए प्रस्थान किया था।

    वहीं इस वर्ष मेले के पहले आठ दिनों में 8 लाख 35 हजार 588 कांवरियों ने ही जल उठाया। यानी पिछले वर्ष की तुलना में 7 लाख 64 हजार 284 श्रद्धालु कम पहुंचे। कांवरियों की संख्या में आई कमी की बड़ी वजह विक्रमशिला पुल का क्षतिग्रस्त होना और बेली ब्रिज से सिर्फ छोटी गाड़ियों के परिचालन की अनुमति मिलना है।

    वर्तमान में बेली ब्रिज से सात फीट से अधिक ऊंचाई वाले बस, ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक है। ऐसे सभी वाहनों को नवगछिया, खगड़िया और मुंगेर के रास्ते घूमकर अजगैवीनाथ धाम पहुंचना पड़ रहा है। इससे करीब 140 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

    लंबी दूरी और लगातार लग रहे जाम के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अजगैवीनाथ धाम आने से बच रहे हैं। हर वर्ष कोसी, सीमांचल, नेपाल और पूर्वोत्तर भारत से लाखों श्रद्धालु सड़क मार्ग से भागलपुर होते हुए अजगैवीनाथ धाम पहुंचते थे।

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    शुक्रवार के दिन सर्वाधिक कांवरियों की रहती है भीड़

    अजगैवीनाथ धाम से जल भरकर देवघर जाने वाले कांवरियों कि भीड़ शुक्रवार के दिन सबसे अधिक रहती है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 31जुलाई शुक्रवार को सर्वाधिक 1 लाख 32 हजार 35 कांवरियों ने गंगाजल उठाया।

    जबकि 18 जुलाई शुक्रवार 2025 को दो लाख 71 हजार कांवरियों ने जल उठाया था। दरअसल इसके पीछे का कारण यह है कि शुक्रवार को जल उठाने वाले कांवड़िया सोमवारी को जलार्पण करते हैं।

    धान रोपनी खत्म होने के बाद बढ़ेगी कांवरियों की भीड

    श्रावणी मेला के दौरान कांवर यात्रा पर निकलने वालों में सबसे अधिक संख्या ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं की होती है। इस बार मानसून की बारिश विलंब से शुरू हुई। इस कारण धान की रोपनी अभी खत्म नहीं हुई।

    बीते चार दिनों से हो रही बारिश के बाद धान की रोपनी में तेजी आई है। इससे उम्मीद बंधी है कि सावन के आखिरी दो सप्ताह में कांवरियों की संख्या कई गुणा बढ़ जाएगी।

    कांवरियों की संख्या में गिरावट से सहमा बाजार, दुकानदार मायूस

    विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में कारोबार करने पहुंचे दुकानदारों के चेहरे पर इस बार मायूसी साफ दिखाई दे रही है। अजगैवीनाथ धाम से लेकर देवघर तक कांवड़िया पथ पर हजारों दुकानें सजी हैं, लेकिन बीते वर्ष की तुलना में काफी कम कांवरियों के पहुंचने से बाजार सहमा हुआ है। दुकानदार भी परेशान हैं।

    इस वर्ष सावन में चार सोमवारी होने से दुकानदारों ने बड़ी उम्मीदों के साथ मोटी रकम में जमीन भाड़े पर लेकर दुकान लगाई। लाखों की पूंजी लगाकर सामानों की खरीदारी कर स्टाक किया। अब दुकानदारों को पूंजी निकालना भी अब मुश्किल लग रहा है। जलपात्र दुकानदार परमजीत यादव ने बताया कि आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले जैसी नहीं है।

    इस वर्ष सावन में चार सोमवारी होने के कारण अच्छी बिक्री की उम्मीद थी। इसी भरोसे ऊंचे किराये पर जमीन लेकर दुकानें लगाईं और लाखों रुपये की पूंजी से पूजन सामग्री, वस्त्र, खाद्य सामग्री व अन्य सामान का स्टाक किया। अभी तक उम्मीद के अनुरूप ग्राहक नहीं पहुंचने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। - अरुण साह, कांवर दुकानदार

    दिनभर इंतजार के बाद भी गिने-चुने कांवड़िये ही खरीदारी कर रहे हैं। इससे रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। यदि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या नहीं बढ़ी तो अधिकांश दुकानदारों के लिए निवेश की भरपाई करना भी चुनौती बन जाएगा। - विनय कुमार, दुकानदार

    वर्ष 2026 कांवड़िया

    तारीख संख्या
    29 जुलाई 44,729
    30 जुलाई 1,00,513
    31 जुलाई 1,32,035
    1 अगस्त 1,02,023
    2 अगस्त 1,19,720
    3 अगस्त 1,17,422
    4 अगस्त 91,519
    5 अगस्त 1,22,627

    वर्ष 2025 कांवड़िया

    तारीख संख्या
    11 जुलाई 1,06,461
    12 जुलाई 1,44,350
    13 जुलाई 1,85,644
    14 जुलाई 1,77,301
    15 जुलाई 1,60,941
    16 जुलाई 1,96,020
    17 जुलाई 2,67,854
    18 जुलाई 2,71,571