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होली पर अद्भुत नजारा! चंद्र ग्रहण के दौरान शिवलिंग के पास सर्प, गूंजे ‘बाबा बूढ़ानाथ की जय’, देखें Video

Updated: Wed, 04 Mar 2026 01:34 PM (IST)

फाल्गुन पूर्णिमा पर होली के दिन चंद्र ग्रहण के कारण भागलपुर के मंदिरों के पट बंद रहे। ग्रहण समाप्ति के ...और पढ़ें

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दिलीप कुमार शुक्ला, भागलपुर। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मंगलवार, तीन मार्च 2026 को होली के दिन लगे चंद्र ग्रहण के कारण शहर के प्रमुख मंदिरों के पट सूतक काल से ही बंद कर दिए गए। ग्रहण अवधि में नियमित पूजा-पाठ स्थगित रहा और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। भक्तों ने घरों में रहकर मंत्र जप, भगवान का स्मरण और धार्मिक ग्रंथों का पाठ किया। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों में पुनः विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू की गई।

बाबा बूढ़ानाथ मंदिर के पट रहे बंद

भागलपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा वृद्धेश्वर नाथ मंदिर (बाबा बूढ़ानाथ मंदिर) जागेश्वर महादेव में भी ग्रहण के दौरान पट बंद रखे गए। मंदिर के सेवक ऋषिकेश पांडेय ने बताया कि ग्रहण मोक्ष के बाद गर्भगृह का द्वार खोला गया। इसके बाद पूरे मंदिर परिसर की साफ-सफाई की गई और पूजा की तैयारियां शुरू हुईं।

Snake Near Shivling at Bhagalpur BABA BUDANATH1

शिवलिंग के पास दिखा सर्प, वीडियो वायरल

मंदिर का मुख्य पट खुलते ही एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। शिवलिंग के समीप एक सर्प बैठा दिखाई दिया। ऋषिकेश पांडेय ने बताया कि यह दृश्य मंगलवार शाम करीब 7 बजकर 10 मिनट पर देखा गया। वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं ने इसका वीडियो बना लिया, जो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सर्प दिखने की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में कौतूहल का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग वहां जुटने लगे।

आस्था से जोड़कर की जा रही चर्चा

ग्रहण मोक्ष के बाद जागेश्वर महादेव के शिव शृंगार स्वरूप सर्प देव के दर्शन होने की चर्चा शुरू हो गई। उपस्थित पंडितों और श्रद्धालुओं ने इसे आस्था से जोड़ते हुए कहा कि भगवान शिव के साथ सर्प का विशेष संबंध माना जाता है और उन्हें सर्प अति प्रिय हैं। हालांकि कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई और किसी प्रकार की अफरातफरी नहीं हुई।

Snake Near Shivling at Bhagalpur BABA BUDANATH2

ग्रहण के बाद विशेष शृंगार और पूजा

चंद्र ग्रहण समाप्ति के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और शिव परिवार सहित मंदिर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक और शृंगार संपन्न हुआ। होली के अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती को रंग-गुलाल अर्पित किए गए।

भागलपुर में गंगा तट पर स्‍थ‍ित है यह मंद‍िर 

गंगा तट के समीप स्थित बाबा वृद्धेश्वर नाथ मंदिर (बाबा बूढ़ानाथ मंदिर) में ग्रहण समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा स्नान के बाद मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और ‘बाबा बूढ़ानाथ की जय’ के जयकारे लगाए। यह मंद‍िर अंग क्षेत्र में काफी प्रस‍िद्ध है। यहां प्रत‍िद‍िन 10 हजार से ज्‍यादा श्रद्धालु आते हैं। क‍िसी व‍िशेष अवसर पर तो लाखों की संख्‍या हो जाती है। श‍िव-पार्वती सह‍ित कई देवी-देवाताओं की प्रत‍िमाएं यहां अवस्‍थ‍ित है।