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    भागलपुर में जुटे दक्षिण बिहार के स्वदेशी योद्धा, चीनी सामानों के खिलाफ अरुण ओझा ने फूका महासंग्राम का बिगुल

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 03:21 PM (GMT+05:30)

    भागलपुर में स्वदेशी जागरण मंच का दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग शुरू हुआ, जहां अरुण ओझा ने विदेशी, खासकर चीनी सामानों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने का ...और पढ़ें

    भागलपुर में स्वदेशी जागरण मंच का प्रांतीय विचार वर्ग शुरू, अरुण ओझा बोले- स्वदेशी से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत

    भागलपुर में स्वदेशी जागरण मंच का प्रांतीय विचार वर्ग शुरू, अरुण ओझा बोले- स्वदेशी से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत

    HighLights

    1. भागलपुर में स्वदेशी जागरण मंच का दो दिवसीय विचार वर्ग शुरू।

    2. अरुण ओझा ने विदेशी, विशेषकर चीनी, सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया।

    3. आत्मनिर्भर भारत, कुटीर उद्योग और जैविक कृषि पर गहन मंथन।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। स्वदेशी जागरण मंच, दक्षिण बिहार प्रांत की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग का शनिवार को डोकानिया स्मृति भवन में शंखनाद हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, श्लोकों के पाठ और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस भव्य कार्यक्रम में दक्षिण बिहार के सभी जिलों से आए सैकड़ों बड़े पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस विचार वर्ग का उद्घाटन मंच के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक अरुण ओझा, भागलपुर की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद शालारपुरिया ने संयुक्त रूप से किया।

    वंदे मातरम् के सामूहिक गायन और महापुरुषों को पुष्पांजलि से हुआ शंखनाद

    कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत देवव्रत घोष के ओजस्वी नेतृत्व में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं द्वारा वंदे मातरम् के गौरवमयी सामूहिक गायन के साथ की गई। इसके बाद मंच पर विराजमान अतिथियों ने भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं मंच के संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। स्वागत भाषण देते हुए जिला संयोजक रंजीत राय ने कहा कि भागलपुर की यह ऐतिहासिक धरती कार्यकर्ताओं के वैचारिक परिष्कार और संगठन विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगी।

    स्वदेशी कोई आर्थिक नीति नहीं, राष्ट्र का स्वाभिमान है: मुख्य वक्ता अरुण ओझा

    सत्र के मुख्य वक्ता अरुण ओझा ने हुंकार भरते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक सामान्य आर्थिक नीति नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक अस्मिता का मूल आधार है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि एक विकसित और शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को विदेशी वस्तुओं का त्याग कर स्वदेशी उत्पाद अपनाने होंगे। वहीं क्षेत्रीय संगठक अजय उपाध्याय, प्रांतीय संयोजक यदुनंदन प्रसाद और भाजपा के नवगछिया प्रभारी पवन कुमार मिश्रा ने भी राष्ट्र निर्माण में समाज की सहभागिता पर बल दिया।

    कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलने से ही साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का बड़ा सपना

    भागलपुर की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल ने स्थानीय सिल्क उद्योगों, छोटे कुटीर उद्यमों और स्वदेशी उत्पादों को हर स्तर पर संरक्षण और बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद शालारपुरिया ने कहा कि यदि हमारे देश के व्यापारी और उपभोक्ता चीनी सामानों को छोड़कर स्वदेशी को अपनाएं, तो अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन बन जाएगी। आरएसएस के सह प्रांत कार्यवाह बालमुकुंद गुप्त ने भी संगठन की भूमिका को स्पष्ट किया, जिसके बाद भागलपुर विभाग संयोजक निर्दोष कुमार ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

    खबरें और भी

    जैविक कृषि और स्वरोजगार जैसे 9 बड़े जलंत विषयों पर विशेषज्ञों का महामंथन

    मीडिया प्रभारी इंदु भूषण झा ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक महाकुंभ के आगामी सत्रों में देश के जाने-माने विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान आयोजित होंगे। इन सत्रों में मुख्य रूप से एकात्म मानवदर्शन, विकास भी विरासत भी, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, आत्मनिर्भर भारत, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर गहन मंथन होगा। इसके अलावा जैविक कृषि को बढ़ावा देने और संगठन के विस्तार की रणनीति पर पूर्व प्रदेश संयोजक दिलीप निराला समेत दक्षिण बिहार के दर्जनों दिग्गज नेता रणनीति बनाएंगे।