विक्रमशिला सेतु पर ₹90 करोड़ से होगा परमानेंट रिस्टोरेशन, एक बार फिर एक माह के लिए पूरी तरह बंद हो जाएगा ट्रैफिक
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी पुनर्स्थापन का कार्य शुरू हो रहा है, जिसके लिए आईआईटी पटना की टीम ने गहन तकनीकी जांच की ...और पढ़ें

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का डैमेज स्पैन तोड़ेगी एसपी सिंगला कंपनी; IIT पटना की जांच पूरी, नवंबर में बंद रहेगा रूट
HighLights
विक्रमशिला सेतु पर 90 करोड़ का स्थायी पुनर्स्थापन।
आईआईटी पटना ने की गहन तकनीकी जांच।
नवंबर 2026 में एक माह यातायात बंद रहेगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर बने अस्थायी बेली ब्रिज को हटाकर वहां परमानेंट रिस्टोरेशन (स्थायी पुनर्स्थापन) की दिशा में बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार की रात 10 बजे से शुरू हुई महा-तकनीकी जांच शुक्रवार की सुबह सफलतापूर्वक पूरी हो गई, जिसने पुल की भविष्य की सेहत का बड़ा खाका तैयार कर दिया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के विशेष अनुरोध पर पहुंची आईआईटी (IIT) पटना के छह सदस्यीय शीर्ष वैज्ञानिकों की टीम ने आधुनिक मशीनों से पुल का बारीकी से निरीक्षण किया।
गैस कटर से रैंप को काटकर बीआरओ ने खंगाला अंदरूनी हिस्सा
जांच को पुख्ता बनाने के लिए गैस कटर की मदद से बेली ब्रिज के भारी रैंप को काटकर उसके सबसे अंदरूनी हिस्सों की सघन और बारीक मेटलर्जिकल जांच कराई गई। रैंप को काटकर की गई इस अनूठी जांच के संबंध में बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार ने स्पष्ट किया कि बेली ब्रिज के ढांचे में कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने बताया कि बेली ब्रिज पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन मुख्य सेतु के अन्य संवेदनशील और क्षतिग्रस्त स्पैन से जुड़े गंभीर बिंदुओं पर विस्तृत डेटा संकलित किया गया है।
मरम्मत नहीं, अब क्षतिग्रस्त हिस्सों को पूरी तरह तोड़कर नया बनाएगी पुलिस
पुल निर्माण निगम के विभागीय अभियंताओं के मुताबिक, आईआईटी की दो दिनों की जांच रिपोर्ट और पूर्व के अध्ययनों को मिलाकर आगे की पुनर्स्थापन कार्रवाई में भारी तेजी लाई जाएगी। तकनीकी टीम ने अब सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों की पैच-मरम्मत करने के बजाय उन्हें क्रेन और मशीनों से पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से आरसीसी निर्माण कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निगम ने डैमेज स्पैन और क्रैक आ चुके स्लैब वाले सभी चिन्हित हिस्सों को पूरी तरह हटाकर दोबारा ढलाई करने की 90 करोड़ रुपये की बड़ी कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है।
एक्सपेंशन ज्वाइंट और बेयरिंग बदलने की जिम्मेदारी एसपी सिंगला को
पुल के सभी पुराने बेयरिंग को हाइड्रोलिक जैक की मदद से बदलने और नए एक्सपेंशन ज्वाइंट्स लगाने का विस्तृत प्राक्कलन (एस्टिमेट) तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। इस महा-पुनर्निर्माण कार्य की जिम्मेदारी देश की नामचीन निर्माण एजेंसी 'एसपी सिंगला' कंपनी को सौंपी गई है, जो इस रूट पर तकनीकी रूप से काफी अनुभवी मानी जाती है। प्रशासनिक और तकनीकी स्तर की सभी तैयारियां चालू मानसून के दौरान ही पूरी कर ली जाएंगी ताकि बाढ़ का पानी नीचे उतरते ही साइट पर भारी मशीनें उतारी जा सकें।
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30 नवंबर की डेडलाइन तय, नवंबर में पूरी तरह ठप रहेगा चक्का
पुल निर्माण निगम ने इस पूरे परमानेंट रिस्टोरेशन कार्य को पूरा करने के लिए आगामी 30 नवंबर 2026 तक की आखिरी समय सीमा (डेडलाइन) का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बेहद संवेदनशील और भारी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित और ब्लॉक हो सकता है। योजना के अनुसार, नवंबर 2026 के पूरे महीने इस सेतु पर सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद रखा जाएगा ताकि काम समय पर खत्म हो सके।
चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार और एमडी जितेंद्र कुमार खुद रख रहे हैं नजर
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह प्राथमिक जांच पूरी हो गई है और फाइनल रिपोर्ट के आधार पर ही कमियां दूर की जाएंगी। वहीं निगम के प्रबंध निदेशक (MD) जितेंद्र कुमार ने कहा कि आईआईटी की संपूर्ण रिपोर्ट समर्पित होने में चार से पांच दिनों का समय लग सकता है जिसके बाद काम धरातल पर दिखेगा। इस भारी पुनर्निर्माण कार्य पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिससे सेतु की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी और भविष्य में विक्रमशिला सेतु पर सफर 100% सुरक्षित हो जाएगा।