Jorhat Plane Crash: जोरहाट क्रैश में शहीद अग्रिवीर दानिश को दी गई अंतिम विदाई, रो पड़ा पूरा गांव
असम में वायु सेना विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कायमनगर, भोजपुर लाया गया। ...और पढ़ें

अंतिम यात्रा में शामिल हुए स्वजन। (जागरण)
HighLights
अग्निवीर दानिश आलम का पार्थिव शरीर कायमनगर, भोजपुर पहुंचा।
वायु सेना ने बिहटा में गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक।
संवाद सूत्र, कोईलवर (आरा)। असम के जोरहाट स्थित एयर फोर्स स्टेशन में शनिवार को हुए वायु सेना के ट्रांसपोर्ट विमान हादसे में भोजपुर जिले के कायमनगर निवासी अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
रविवार को उनका पार्थिव शरीर एयर फोर्स स्टेशन बिहटा लाया गया, जहां वायु सेना के अधिकारियों ने उन्हें गार्ड आफ आनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
दोपहर करीब दो बजे पार्थिव शरीर बिहटा से वायु सेना के वाहन द्वारा कायमनगर के लिए रवाना हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर एयर फोर्स स्टेशन पहुंचे और शहीद दानिश अमर रहें, भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा।
बिहटा से कोईलवर और फिर कायमनगर तक सड़क के दोनों किनारों पर लोग कड़ी धूप में खड़े होकर अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने का इंतजार करते दिखे।
लोगों ने दी श्रद्धांजलि
कोईलवर पहुंचने पर जिप सदस्य रविंद्र कुमार, राजद नेता रघुपति यादव, पूर्व उप पूर्व उपप्रमुख शशिकांत त्रिपाठी, रंजीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, सदर एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह, सीओ प्रियंका कुमारी तथा अपर थानाध्यक्ष सुभाष मंडल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को एस्कार्ट करते हुए कायमनगर तक पहुंचे, जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचा, परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।
पिता मो.फारूक आलम ने नम आंखों और डगमगाते कदमों से अपने वीर पुत्र को अंतिम विदाई दी। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
वायु सेना के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर दिया। अंतिम यात्रा में बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी सोनू राय, पूर्व विधायक अनवर आलम, डीएम तनय सुल्तानिया, एसपी राज, एसडीएम, बीडीओ वीर बहादुर पाठक, थानाध्यक्ष टिंकू कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
श्रद्धांजलि और सलामी के बीच शहीद दानिश आलम को उनके पैतृक गांव कायमनगर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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