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आरा-छपरा हाईवे पर जाम बना नासूर, बालू बंदी के बाद भी नहीं मिली राहत

Published: Fri, 28 Aug 2026 05:06 PM (IST)

आरा-छपरा हाईवे पर लगातार लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बन गया है, बालू खनन बंद होने के बावजूद यातायात व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई है।

आरा-छपरा हाईवे पर जाम बना नासूर, बालू बंदी के बाद भी नहीं मिली राहत

आरा-छपरा हाईवे पर जाम बना नासूर, बालू बंदी के बाद भी नहीं मिली राहत

HighLights

  1. आरा-छपरा हाईवे पर जाम लोगों के लिए नासूर।

  2. बालू खनन बंदी के बावजूद यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं।

  3. अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और भारी वाहन जाम की वजह।

संवाद सूत्र, कोईलवर (आरा)। आरा-छपरा हाईवे पर लगातार लगने वाला जाम अब लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है।

खदान से बालू खनन बंद और भंडारण से बालू शुरू होने के बाद प्रशासन और आम लोगों को उम्मीद थी कि करीब चार माह तक इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात व्यवस्था सामान्य रहेगी और यात्रियों को राहत मिलेगी, लेकिन हालात इसके विपरीत हैं।

हाईवे पर प्रतिदिन लगने वाले जाम ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। आरा-छपरा हाईवे के साथ-साथ सकड्डी-नासरीगंज मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य बन गई हैं।

सुबह से लेकर देर शाम तक कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे छोटे वाहनों, स्कूल बसों, एंबुलेंस और निजी वाहनों से सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यात्रियों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं।

स्थानीय रविंद्र कुमार, अमित सिंह भुटाली ने बताया कि बालू लदे ट्रकों के परिचालन पर रोक के बावजूद सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है।

प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए तैयार की गई योजनाएं भी धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही हैं। जगह-जगह अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही जाम की बड़ी वजह बन रही है।

व्यवसायियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि रोजाना जाम के कारण समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को होती है।