आरा में गैस एजेंसियों की मनमानी: सिलिंडर की होम डिलीवरी ठप, डीएम के आदेश के बाद भी उपभोक्ता परेशान
आरा में घरेलू गैस की किल्लत और एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी बंद करने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। जिला प्रशासन, विशेषकर डीएम, स्थिति नियंत्रण म ...और पढ़ें
HighLights
आरा में गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी बंद की।
डीएम के आदेश के बावजूद उपभोक्ता परेशान हैं।
गुरुवार से होम डिलीवरी बहाल होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, आरा। शहर में इन दिनों घरेलू गैस की किल्लत के बीच गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर जिला प्रशासन, विशेषकर डीएम तनय सुलतानिया, लगातार यह आश्वासन दे रहे हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।
वहीं दूसरी ओर कई गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी बंद कर दिए जाने से आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने शहर में पैनिक का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे अधिक परेशानी इन्द्ववती इंडेन गैस एजेंसी, कर्मन टोला क्षेत्र के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
लाइन में खड़े होने के बाद भी नहीं मिला सिलिंडर
यहां सुबह से लेकर शाम तक उपभोक्ता गैस बुकिंग के लिए लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घर तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। मजबूरन लोगों को खुद गोदाम या बहिरो स्थित वितरण केंद्र तक जाकर सिलिंडर उठाना पड़ रहा है। इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को काफी कठिनाई हो रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों ने मनमानी शुरू कर दी है। कई इंडेन गैस एजेंसियों ने साफ तौर पर कह दिया है कि फिलहाल होम डिलीवरी बंद है और उपभोक्ता स्वयं गोदाम से सिलिंडर ले जाएं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार और प्रशासन होम डिलीवरी सुनिश्चित करने की बात कर रहे हैं, तो एजेंसियां किस आधार पर इसे बंद कर रही हैं।
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हालांकि, इस पूरे मामले में एजेंसियों का पक्ष भी सामने आया है। कुछ एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्हें ऊपर से मिले निर्देशों के अनुसार ही काम करना पड़ रहा है। यदि होम डिलीवरी पर रोक लगाने का कोई मौखिक या प्रशासनिक निर्देश है, तो उसमें एजेंसियों की सीधी गलती नहीं मानी जा सकती। लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है।
डीएम ने होम डिलीवरी व्यवस्था बहाल करने का दिया था निर्देश
इधर, गीधा गैस प्लांट के मैनेजर धीरज कुमार ने स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सोमवार को डीएम तनय सुलतानिया द्वारा सख्त निर्देश जारी किया गया था कि हर हाल में होम डिलीवरी व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि आम जनता में किसी प्रकार का पैनिक न फैले। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करने का प्रयास किया जा रहा है और उम्मीद है कि गुरुवार से होम डिलीवरी सेवा फिर से शुरू हो जाएगी।
धीरज कुमार के इस बयान से यह साफ होता है कि प्रशासन स्तर पर होम डिलीवरी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, बल्कि इसे सुचारू रूप से चालू रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में यह सवाल और भी गंभीर हो जाता है कि आखिर किन परिस्थितियों में गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को घर तक सेवा देने से इनकार कर रही हैं। शहर के सामाजिक संगठनों और उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए।
आरा की स्थिति ने प्रशासनिक दावों को किया उजागर
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि हर उपभोक्ता को समय पर और घर तक गैस सिलेंडर की आपूर्ति मिले। आरा में गैस संकट के बीच होम डिलीवरी बंद होना प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि गुरुवार से वास्तव में होम डिलीवरी बहाल होती है या नहीं, क्योंकि यही आम जनता को राहत देने का सबसे प्रभावी उपाय होगा।