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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ara News: कोईलवर में इस लिट्टी की दुकान के मुरीद हैं लालू यादव, खुश होकर दे दी थी तूफान एक्सप्रेस की सौगात

    Updated: Thu, 09 Jan 2025 05:39 PM (IST)

    Ara News दुकानदार मुन्ना चौहान ने बताया कि कोईलवर रेलवे स्टेशन के पास उनका यह लिट्टी चोखा का दुकान 1962 से है। उस समय उनके पिता रामचन्द्र चौहान दुकान ...और पढ़ें

    कोइलवर में इस दुकान में लालू खाते थे लिट्टी (जागरण)
    कोइलवर में इस दुकान में लालू खाते थे लिट्टी (जागरण)

    HighLights

    1. 2006 में कोईलवर में रुकने लगी थी तूफान एक्सप्रेस
    2. कोईलवर रेलवे स्टेशन के समीप है खाने की झोपड़ीनुमा दुकान

    जागरण संवाददाता, कोईलवर(आरा)। Ara News: रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव को कोईलवर के मुन्ना चौहान के बनाये लिट्टी, चोखा, चटनी का जायका काफी पसंद था। जिन्हें लिट्टी का स्वाद इतना पसंद आया कि स्थानीय लोगो की मांग पर कोईलवर में उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव हो गया।

    मुन्ना चौहान के लिट्टी-चोखा के मुरीद हो गए थे लालू

    बात उस समय की है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। वे जब भी शाहाबाद के दौरे पर आते थे। उन्हें कारकेड में मुन्ना चौहान का लिट्टी, चोखा भेजवाया जाता था। ये लिट्टी का दुकान कोईलवर रेलवे स्टेशन के समीप है। 2020 से पहले राजधानी पटना जाने वाले वाहन लोहा पुल से आते जाते थे।

    जिस समय लिट्टी, चोखा की काफी बिक्री थी। लोग लाइन लगा लिट्टी खाने का इंतजार करते थे। अब ऐतिहासिक लोहा पुल के जगह पटना में आना-जाना नये सिक्सलेन पुल से होता है। हालांकि, आज भी कोयले के आग वाले अंगारे पर सोंधी लिट्टी, चोखा का स्वाद और खुशबू लोगो को खींच लाती है। 

    दुकानदार मुन्ना चौहान ने बताया कि कोईलवर रेलवे स्टेशन के पास उनका यह लिट्टी, चोखा का दुकान 1962 से है। उस समय उनके पिता रामचन्द्र चौहान दुकान चलाते थे। वे अस्सी के दशक से दुकान चलाना शुरू किये है। उन्होंने बताया कि कोईलवर में नये पुल से पहले लोहा पुल से आवागमन होता था।

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    लिट्टी चोखा खिलाकर सांसद ने कर दी तूफान एक्सप्रेस की डिमांड

     तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के शाहाबाद दौरा के समय उनके लिए लिट्टी, चोखा का व्यंजन भेजा जाता था। जिन्हें इस व्यंजन का स्वाद काफी पसंद आता था। जिसके बाद तत्कालीन सांसद कांति सिंह से स्थानीय मुरारी यादव, सुरेंद्र यादव, मुन्ना चौहान समेत अन्य नेताओं ने कोईलवर में तूफान एक्सप्रेस ठहराव की मांग रखी।

    तत्कालीन सांसद ने तत्कालिन रेल मंत्री के समक्ष इस प्रस्ताव को रखा। जिस पर तुरंत मुहर लग गयी और 2006 में तूफान एक्सप्रेस का ठहराव कोईलवर स्टेशन पर होने लगा। जिस समय ट्रेन के चालक को भी सोंधी लिट्टी और चोखा परोसा गया था, जिन्हें जायका काफी पसंद आया था। लेकिन कोरोना के बाद से तूफान एक्सप्रेस का ठहराव ही बंद कर दिया। 

    शुद्ध घी में डूबी लिट्टी के साथ ये जायका परोसे जाते हैं

    शुद्ध घी में डूबी लिट्टी के साथ टमाटर, बैंगन, आलू का चोखा के साथ खटाई की चटनी, मूली, प्याज, भुना मिर्च ग्राहकों को परोसा जाता है। दुकानदार ने बताया कि बढ़ती महंगाई में दस रुपये प्रति पीस लिट्टी मिलता है। जब वह दुकान शुरू किए थे एक रुपये लिट्टी बेचते थे। दुकान पर उनके पुत्र गुड्डू, गोरख, सत्येंद्र, लालू, गणेश हांथ बंटाते है।