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    बिहार-यूपी को जोड़ने वाली बड़ी परियोजना आगे बढ़ी, आरा-बलिया फोरलेन का टेंडर जारी

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 05:29 PM (IST)

    एनएचएआई ने आरा से बलिया तक 1564.19 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क निर्माण का टेंडर जारी किया है, जो बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मज ...और पढ़ें

    व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

    व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

    जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को नई गति देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना अब धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आरा से बैरिया होते हुए बलिया तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 1564.19 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है।

    यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर बनाई जाएगी। निर्माण एजेंसी को चार वर्षों के भीतर सड़क निर्माण कार्य पूरा कर एनएचएआई को सौंपना होगा। इसके बाद पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी के पास रहेगी।

    20 अगस्त को खुलेगा टेंडर

    एनएचएआई की ओर से जारी टेंडर को 20 अगस्त को खोला जाएगा। यह परियोजना बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    वर्तमान में आरा से बलिया तक यात्रा के दौरान लोगों को जाम और संकरी सड़कों की समस्या का सामना करना पड़ता है। यात्रा में अधिक समय लगने से यात्रियों और व्यापारियों दोनों को परेशानी होती है।

    फोरलेन सड़क बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। लोगों को बेहतर और आधुनिक सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।

    पीपा पुल मार्ग से होगा निर्माण

    परियोजना के तहत सड़क का निर्माण पीपा पुल मार्ग होते हुए किया जाएगा। मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-31 और एनएच-922 के बैरिया-आरा खंड को चार लेन बाईपास सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा।

    इसके साथ ही गंगा नदी पर एक नया पुल और ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को और अधिक मजबूत करेगा।

    पुल निर्माण से दोनों राज्यों के बीच व्यापार और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र को भी इस परियोजना से नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

    एनएचएआई का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार कर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। पूर्वी भारत के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना योजना माना जा रहा है।

    सड़क बनने से भारी वाहनों के संचालन में सुविधा होगी और माल ढुलाई की लागत कम होगी। उद्योगों और कृषि उत्पादों की आवाजाही भी पहले की तुलना में अधिक तेज हो सकेगी।

    भोजपुर, पटना, बलिया और आसपास के जिलों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

    क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    फोरलेन सड़क बनने से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से बाजारों तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी।

    सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच तेज होने की भी उम्मीद है। ईपीसी मॉडल के तहत निर्माण एजेंसी डिजाइन से लेकर निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी निभाएगी।

    परियोजना पूरी होने के बाद पांच वर्षों तक सड़क का रखरखाव भी एजेंसी ही करेगी। इसके पूरा होने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आधुनिक सड़क संपर्क का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।