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    आरा-बलिया नई रेललाइन का फाइनल सर्वे तैयार, 62 किमी बिहार-यूपी कनेक्टिविटी जल्द

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 07:26 PM (IST)

    आरा-बलिया रेललाइन परियोजना का फाइनल सर्वे और डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है, जिससे निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यह 62 किमी लंबी रेललाइन बिह ...और पढ़ें

    दियारा क्षेत्र के लिए बनेगी लाइफलाइन

    दियारा क्षेत्र के लिए बनेगी लाइफलाइन

    HighLights

    1. फाइनल सर्वे और डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजा गया।

    2. 62 किमी रेललाइन बिहार-यूपी को जोड़ेगी, दियारा को लाभ।

    3. जमीन अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

    जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। लंबे समय से प्रतीक्षित आरा-बलिया रेललाइन परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। फाइनल सर्वे और डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है, जिससे निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

    62 किमी रेललाइन से जुड़ेगा बिहार-यूपी

    करीब 62 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन के बनने से बिहार के आरा (भोजपुर) और उत्तर प्रदेश के बलिया के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

    दियारा क्षेत्र के लिए बनेगी लाइफलाइन

    गंगा किनारे बसे दियारा क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर आवागमन की सुविधा से वंचित रहे हैं। बाढ़ और बरसात के दौरान संपर्क कट जाता है। ऐसे में यह रेललाइन इस इलाके के लिए जीवनरेखा साबित होगी।

    जमीन अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया शुरू

    परियोजना के अगले चरण में जमीन अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

    रेल मंत्री से मुलाकात, जल्द काम शुरू होने का भरोसा

    पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने रेल मंत्री से मुलाकात कर परियोजना में तेजी लाने की मांग की। रेल मंत्री ने निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया है।

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    रेलवे नेटवर्क के लिए भी अहम परियोजना

    यह रेललाइन भविष्य में नैनीजोर, धमवल और जगजीवन हॉल्ट से जुड़कर बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनेगी। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में भी सुगमता आएगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

    आरा बलिया नई रेल लाइन बनाने की लिए फाइनल सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड से आने वाली है, इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी जिसमें विजिबिलिटी रिपोर्ट भी देखी जाएगी।

    सुमित कुमार, मुख्य सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, गोरखपुर रेलवे जोन।