विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में बाढ़ के बीच वाटर पार्क बनीं सड़कें, भारी पड़ सकती है पानी में मस्ती; इन बातों का रखें ख्याल  

Published: Sat, 05 Sep 2026 04:27 PM (IST)

भोजपुर में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जलजमाव वाले इलाकों में बच्चे व युवा खतरे से बेपरवाह होकर नहा रहे हैं, जिससे डूबने का खतरा बढ़ गया है।

पानी में मस्ती करते बच्चे। फोटो जागरण

पानी में मस्ती करते बच्चे। फोटो जागरण

HighLights

  1. भोजपुर में बाढ़ के पानी में नहाने से बढ़ रहा खतरा।

  2. बच्चों और युवाओं के लिए जलक्रीड़ा हो सकती है जानलेवा।

  3. अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर रखनी होगी कड़ी नजर।

दीपक, आरा। भोजपुर जिले में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जगह-जगह जलाशयों, आहर-पोखर और गांवों के निचले इलाकों में पानी का जमाव हो गया है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और खेत तक जलमग्न हैं। ऐसे में पानी के बीच हादसे का खतरा भी बढ़ गया है।

चिंता की बात यह है कि खतरे से बेपरवाह कम उम्र के बच्चे व युवा बाढ़ के पानी में नहाने और जलक्रीड़ा करने पहुंच रहे हैं। सेल्फी व वीडियो रील भी बना रहे है।

ग्रामीण इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें इसकी गवाही दे रही हैं। बाढ़ के पानी में नहाना और तैरना बच्चों के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

पानी की गहराई का अंदाजा बाहर से नहीं लगाया जा सकता। कई जगह गड्ढे, तेज बहाव, दलदली जमीन और टूटे हुए रास्ते पानी के नीचे छिपे हो सकते हैं।

ऐसे स्थानों पर पैर फिसलने या अचानक गहरे पानी में चले जाने से डूबने का खतरा बना रहता है। ऐसे समय में सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों की है।

बच्चों को अकेले घर से बाहर निकलकर जलाशय, पोखर, नदी या बाढ़ के पानी के पास जाने से रोकना चाहिए। यदि गांव या आसपास में जलजमाव है तो बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। उन्हें समझाना चाहिए कि बाढ़ का पानी खेलने या तैरने के लिए सुरक्षित नहीं है।

खतरे वाले स्थानों पर सामूहिक रूप से निगरानी रखनी चाहिए। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जलजमाव वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाने तथा जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग कराने की पहल करनी चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है।

बाढ़ के पानी में क्या न करें?

- बच्चों को बाढ़ के पानी में नहाने या तैरने न दें।
- जलाशय, आहर, पोखर और नदी के किनारे जाने से बचें।
- बाढ़ के पानी में जलक्रीड़ा या मस्ती न करें।
- तेज बहाव वाले पानी को पैदल या बाइक से पार करने की कोशिश न करें।
- बच्चों को बिना निगरानी के घर से बाहर न निकलने दें।

जानें, भोजपुर में कब और कहां डूबने से हुई सामूहिक मौत

  • 15मार्च 2023 को अजीमाबाद थाना क्षेत्र के अहिमनच बालू घाट पर डूबने से नुरपुर गांव के चार बच्चों की मौत हो गई थी।
  • 8 अक्टूबर 2023 को चांदी थाना के बहियारा घाट पर नहाने गईं पांच सहेलियां सेल्फी लेने और एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में सोन नदी में डूब गईं थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
  • 13 अगस्त 2024 मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव स्थित नदी में एक ही परिवार के चार लोग डूब गए थे, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी
  • 16 जून 2024 को भोजपुर-यूपी की सीमा स्थित शिवपुर गंगा घाट पर सेल्फी के चक्कर में डूबने से बिहिया के बारा खरौनी गांव के चार युवकाें की मौत हो गई थी।
  • 11 अगस्त 2024: टाउन थाना क्षेत्र के मझौंवा हवाई अड्डे के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन दोस्तों की एक साथ मौत हो गई थी।
  • 31मई 2026 को चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव के पास सोन नदी में नहाने गए छह किशोरों में से तीन की मौत हो गई। सभी घर से नहाने गए थे।

बाढ़ के पानी को लेकर आपदा प्रबंधन लगातार लोगों को सतर्क कर रहा है। बाढ़ के पानी में न उतरें और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों जैसे संदेशों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - मनेश कुमार मीणा, डीएम, भोजपुर