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    भोजपुर की किन सड़कों पर लग सकता है टोल टैक्‍स? ट्रैफिक सर्वे से मिलेगा जवाब

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 09:56 AM (GMT+05:30)

    भोजपुर जिले में राज्य उच्च पथों के कायाकल्प और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए ट्रैफिक सर्वे शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य सड़कों का चौड़ीकरण करना और टोल ...और पढ़ें

    भोजपुर में सड़क का सर्वे करते कर्मी। जागरण

    भोजपुर में सड़क का सर्वे करते कर्मी। जागरण

    HighLights

    1. भोजपुर में राज्य उच्च पथों का ट्रैफिक सर्वे जारी।

    2. सड़कों के चौड़ीकरण और टोल टैक्स का लक्ष्य।

    3. बीएसआरडीसीएल द्वारा वैज्ञानिक गणना, 15-20 दिन में पूरा।

    आनंद प्रकाश, जागरण, चरपोखरी (आरा)। भोजपुर जिले में राज्य उच्च पथों (एसएच) के कायाकल्प और बेहतर यातायात प्रबंधन को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। 

    बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) चार चयनित राज्य उच्च पथों पर वाहनों की वैज्ञानिक ट्रैफिक गणना (सर्वे) कर रही है।

    सर्वे का मुख्य उद्देश्य भविष्य में इन सड़कों के चौड़ीकरण की योजना तैयार करना और यूजर फी नियमावली-2026 के तहत टोल टैक्स लागू करने के लिए सटीक आंकड़े जुटाना है।

    बीएसआरडीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक बब्लू कुमार ने संबंधित पथ प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि सर्वे कर रही एजेंसी को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक गणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य में टोल संग्रह और सड़क विकास की योजनाएं तय होंगी।

    10 प्रमुख सड़कों पर सर्वे 

    सर्वे कर रही एजेंसी यूनिक सर्वे सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कमाल अहमद ने बताया कि उनकी कंपनी को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से आरा-सासाराम स्टेट हाईवे सहित भोजपुर क्षेत्र से जुड़ी लगभग 10 प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है।

    इस सर्वे का उद्देश्य ट्रैफिक की वास्तविक जरूरत के अनुसार सड़कों का चौड़ीकरण करना तथा टोल टैक्स लागू करने के लिए वाहनों की आवाजाही का सटीक आकलन करना है।

    उन्होंने बताया कि सर्वे 24 घंटे की अवधि में सड़क किनारे तैनात कर्मियों के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पहले आधुनिक कैमरों और डिजिटल डेटा स्टोरेज की मदद से भी ट्रैफिक का रिकॉर्ड तैयार किया गया है।

    अब फिजिकल सर्वे का कार्य अगले 15 से 20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जुटाए गए आंकड़ों का तकनीकी विश्लेषण कर अंतिम रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी।

    सर्वे के बाद शुरू होगी चौड़ीकरण की प्रक्रिया

    सर्वे पूरा होने के बाद एकत्र आंकड़ों का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि भोजपुर जिले के इन प्रमुख मार्गों पर मालवाहक और निजी वाहनों का कितना दबाव है।

    इसके आधार पर सड़कों की लेन संख्या बढ़ाने, चौड़ीकरण करने और आवश्यकतानुसार टोल प्लाजा स्थापित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसी क्रम में गुरुवार को आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर चरपोखरी के समीप किए गए सर्वे के दौरान दोनों दिशाओं (अप एवं डाउन) में 12 घंटे के भीतर लगभग एक हजार चारपहिया और मालवाहक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।

    सर्वे सुपरवाइजर मो. नसीम और अन्य कर्मियों ने वाहनों को उनकी सहमति से रोककर उनके गंतव्य की जानकारी भी जुटाई।

    इस दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों में पंजीकृत वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।

    भोजपुर से जुड़ी इन प्रमुख सड़कों पर हो रहा है सर्वे

    आरा–सासाराम मार्ग (एसएच-12) — कुल लंबाई : 95.85 किमी
    सकड्डी–नसरीगंज मार्ग (एसएच-81) — कुल लंबाई : 83.25 किमी
    बिहिया–बिहटा मार्ग (एसएच-102) — कुल लंबाई : 54.52 किमी
    बिहटा–पाली–अरवल मार्ग (एसएच-02) — कुल लंबाई : 37.70 किमी