यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bullet Train: भोजपुर वालों की बल्ले-बल्ले, इन 38 गांवों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन; मुआवजे को लेकर भी आया बड़ा अपडेट
बिहार के लोगों का बुलेट ट्रेन का सपना जल्द पूरा होने वाला है। 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये ट्रेन भोजपुर जिले के 38 गांवों से गुजर ...और पढ़ें

HighLights
- रूट में पड़ने वाले गांवों का फाइनल सामाजिक-आर्थिक सर्वे शुरू
- एनएचएसआरसीएल ने जारी किया रूट, एरियल सर्वे का काम पूरा
विजय कुमार ओझा, उदवंतनगर (आरा)। Bihar Bullet Train: वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने में बुलेट ट्रेन अहम भूमिका निभाएगी। इसको लेकर दिल्ली-हावड़ा वाया वाराणसी-भोजपुर-पटना बुलेट ट्रेन का सपना धरातल पर आकार लेने वाला है।
एरियल सर्वे का काम पूरा
इसको लेकर फाइनल एरियल सर्वे का काम पूरा होने बाद इस सप्ताह रूट में पड़ने वाले गांवों में सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण का काम शुरू हुआ। कार्य एजेंसी के लोग रूट में पड़ने वाले गांवों का सर्वे कर रहे हैं। रूट को लेकर भ्रम की स्थिति समाप्त हो चुकी है। पूर्व के रूट में मामूली बदलाव किया गया है।
बकरी व जलपुरा गांव से गुजरेगी बुलेट ट्रेन
फाइनल सर्वे के अनुसार भोजपुर जिले के बकरी व जलपुरा गांव से होकर बुलेट ट्रेन गुजरेगी। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएस आरसीएल) ने बिहार में जो रूट जारी किया है, उसके अनुसार पहले फेज में बक्सर, पटना व गया और दूसरे फेज में उदवंतनगर व जहानाबाद में स्टेशन बनेंगे।
सामाजिक-आर्थिक सर्वे शुरू
एजेंसी शुक्रवार से इस रास्ते में पड़ने वाले भोजपुर के गांवों का सामाजिक और आर्थिक सर्वे शुरू कर दी है। इसके तहत सर्वे कंपनी रैयतों से मिलकर उन्हें परियोजना के बारे में बता रही है एवं उनकी सहमति प्राप्त कर रही है। बताया जा रहा है कि वाराणसी हावड़ा बुलेट ट्रेन कारिडोर दिल्ली हावड़ा परियोजना का हिस्सा है।
आरा से हावड़ा महज ढ़ाई घंटे में
अलग फेस में दिल्ली से बनारसी वाया लखनऊ अयोध्या कॉरिडोर पर भी सर्वे चल रहा है इस परियोजना के पूरा होने पर आरा से हावड़ा की दूरी मात्र ढाई घंटे की रह जाएगी। वहीं, वाराणसी से हावड़ा की दूरी 3:30 घंटे की होगी। सर्वेक्षण का काम टीला कंसल्टेंट प्रा लि,नई दिल्ली करवा रही है।
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जल्द शुरू होगी जमीन अधिग्रहण
सुपरवाइजर रमेश कुमार यादव ने बताया कि सामाजिक और स्ट्रक्चरल सर्वे के बाद मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्ष 2025 के अंत तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
अभी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के रैयतों को जानकारी दी जा रही है तथा रैयतों से सहमति ली जा रही है।
कागज रखें तैयार
भूमि के कागजात दुरुस्त करने को कहा जा रहा है जिससे मुआवजा मिलने में परेशानी ना हो। चिन्हित प्लॉट में घर, बोरिंग अथवा किसी तरह का निर्माण पेड़ आदि का मुआवजा अलग से देने का प्रविधान है।
वाराणसी-कोलकाता हाई स्पीड रेल नेटवर्क के तहत बक्सर और पटना के बीच उदवंतनगर पहला प्रस्तावित स्टेशन होगा, जहां बुलेट ट्रेन का ठहराव हो सकेगा।
इस रूट की कुल लंबाई 799.293 किलोमीटर होगी, जिसमें एलिवेटेड रूट, अंडरग्राउंड रूट और एट ग्रेड यानी समतल जमीन पर ट्रैक भी शामिल होंगे। बक्सर से आरा के बीच एलिवेटेड रूट ही बनेगा जिसकी ऊंचाई 10 से 15 मीटर होगी।
350 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी रफ्तार
हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। कम समय में अधिक दूरी तय करने के उद्देश्य से जापानी तकनीक पर आधारित रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जाना है। इससे इस बुलेट ट्रेन के निर्माण से जहां यातायात में समय का बचाव होगा, वहीं व्यापार बढ़ेगा।
भोजपुर के 38 गांवों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन

बुलेट ट्रेन भोजपुर जिले के 38 गांवों से होकर गुजरेगी, इसकी लंबाई लगभग 50 किलोमीटर होगी। इसके लिए 96 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। ट्रेन रूट भोजपुर में महुरही, तीयर, उत्तरदाहा, कटाई बोझ, हेतमपुर, चकवां, बनवां, दावां, पानापुर से गुजरेगी।
भटौली, हरदिया, बिमवां, तुलसी, हरिगांव, कौंरा, जैतपुर, गड़हा,पातर, उदवंतनगर, तेतरियां, एकौना, खजुआता, पियनिआ,चकिया, डिलिया, दरियापुर,बकरी, जलपुरा, जोकटा, भूरी, मानपुर, कोसीहान, गोपालपुर, लोदीपुर होते हुए खनगांव के समीप सोन नदी पार करेगी।
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