एग्जाम के लिए मोबाइल में देखकर ब्लैकबोर्ड पर लिखे सवाल, बिहार के सरकारी स्कूलों के सिस्टम की खुली पोल
बिहार के सरकारी विद्यालयों में त्रैमासिक परीक्षा के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल से प्रश्न देखकर ब्लैकबोर्ड पर लिखने से छात्रों को परेशानी हुई। इस नई ...और पढ़ें

त्रैमासिक परीक्षा के दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय संडौर के 8 वीं कक्षा में मोबाइल से ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र उतारते शिक्षक
HighLights
शिक्षकों ने मोबाइल से देखकर ब्लैकबोर्ड पर लिखे प्रश्न।
छात्रों को प्रश्न समझने में हुई भारी परेशानी।
पहले छपे हुए प्रश्नपत्र मिलते थे, अब नहीं।
संवाद सूत्र, बिहिया (भोजपुर)। प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक आयोजित त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। उत्क्रमित मध्य विद्यालय संडौर में मंगलवार को आठवीं कक्षा की परीक्षा के दौरान शिक्षक मोबाइल फोन में प्रश्नपत्र खोलकर ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखते नजर आए।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने उन प्रश्नों को अपनी उत्तर पुस्तिका में उतारा और फिर जवाब लिखना शुरू किया।
बच्चों को पढ़ने-समझने में हुई परेशानी
ब्लैकबोर्ड पर लिखी गई लिखावट स्पष्ट नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को प्रश्न समझने में दिक्कत हुई। बच्चे बार-बार शिक्षक से पूछते रहे कि 'सर, यहां क्या लिखा है?' इससे परीक्षा के दौरान समय भी अधिक लगा और छात्र असहज नजर आए।
अभिभावकों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से परीक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता दोनों प्रभावित होती हैं।
पहले मिलते थे छपे हुए प्रश्नपत्र
जानकारी के अनुसार, पहले शिक्षा विभाग की ओर से छपे हुए प्रश्नपत्र विद्यालयों को उपलब्ध कराए जाते थे। इन्हें सीधे विद्यार्थियों के बीच वितरित किया जाता था, जिससे उन्हें प्रश्न पढ़ने और उत्तर लिखने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी।
इस बार प्रश्नपत्र की जगह मोबाइल और ब्लैकबोर्ड का सहारा लेने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभाग बोला- इसी व्यवस्था से हो रही परीक्षा
शिक्षा विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि विभाग के निर्देश के अनुसार इस बार त्रैमासिक परीक्षा इसी प्रक्रिया के तहत कराई जा रही है।
हालांकि, विद्यालय में सामने आई स्थिति के बाद परीक्षा संचालन की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परीक्षा की गुणवत्ता बनाए रखनी है तो विद्यार्थियों को पहले की तरह छपे हुए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाने चाहिए।