'आपकी मौत हो चुकी है', बैंक अधिकारी के जवाब से ढोढ़ा राम हताश, खुद को जिंदा साबित करने के लिए लगा रहे चक्कर
सदर प्रखंड के पिरौटा गांव निवासी ढोढ़ा राम को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जिससे उनकी 1100 रुपये मासिक वृद्धावस्था पेंशन फरवरी 2026 से ...और पढ़ें
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रिकॉर्ड दिखाते ढोढ़ा राम। फोटो जागरण
HighLights
ढोढ़ा राम को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किया गया।
फरवरी 2026 से वृद्धावस्था पेंशन बंद हुई।
खुद को जिंदा साबित करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे।
पंचायत सूत्र, पिरौटा (सदर प्रखंड)। साल 2021 की चर्चित फिल्म 'कागज' का मुख्य किरदार लाल बिहारी याद होगा, जिसे सरकारी दस्तावेज में मृत घोषित कर दिया जाता है और इसके बाद खुद को जिंदा साबित करने की उसकी जंग शुरू होती है। कुछ ऐसी ही कहानी सदर प्रखंड के पिरौटा गांव निवासी ढोढ़ा राम की है।
स्व. शिवदत्त राम के पुत्र ढोढ़ा राम को सरकारी रिकॉर्ड की एक बड़ी चूक के कारण जिंदा रहते मृत घोषित कर दिया गया है। सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिए जाने से उनकी 1100 रुपये प्रतिमाह की वृद्धावस्था पेंशन फरवरी 2026 से बंद है।
अब अपनी पहचान साबित करने के लिए वह प्रखंड कार्यालय सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
ढोढ़ा राम ने बताया कि उनका वृद्धावस्था पेंशन खाता पिरौटा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में है। उन्होंने बैंक में आवश्यक केवाईसी भी जमा कर दिया था। हाल ही में जब वह पेंशन बंद होने का कारण जानने बैंक पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सरकारी रिकॉर्ड में आपकी मौत हो चुकी है।
यह सुनकर वह हैरान रह गए। इसके बाद से वह जीवित प्रमाण पत्र बनवाने और पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
पेंशन बंद होने से बढ़ी आर्थिक परेशानी
गांव के निवासी मुकेश तिवारी ने बताया कि वृद्धावस्था और शारीरिक अशक्तता के कारण ढोढ़ा राम पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं। उनकी पत्नी फुलसुंदरा देवी भी वृद्ध हैं।
परिवार की देखभाल उनकी तीनों विवाहित बेटियां आरती, कमलावती एवं शारदा देवी करती हैं, जो मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाती हैं। ऐसे में वृद्धावस्था पेंशन परिवार के लिए बड़ा सहारा थी, जिसके बंद हो जाने से आर्थिक संकट और गहरा गया है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
राजद नेता रघुपति यादव समेत गांव के कई लोगों ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर ढोढ़ा राम को सरकारी रिकॉर्ड में पुनः जीवित दर्ज कराने, उनकी वृद्धावस्था पेंशन शीघ्र बहाल करने तथा इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी लापरवाही का खामियाजा एक गरीब और असहाय बुजुर्ग को नहीं भुगतना चाहिए।
अभी मैं अपने पिता जी का इलाज कराने के सिलसिले में दिल्ली आया हूं, लेकिन आरा में रहने के दौरान इस घटना की जानकारी मिलते ही मैंने ढोढ़ा राम का जीवित प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। - रवि रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, आरा सदर